चंडीगढ़, रोजाना भास्कर (ब्यूरो): पंजाब में इंडस्ट्री को गैस की किल्लत से राहत देने के लिए सरकार ने बड़े स्तर पर पाइपलाइन नेटवर्क विस्तार का ऐलान किया है। उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोराहा तक गैस लाइन पहुंच चुकी है और अब लुधियाना के औद्योगिक क्षेत्र को कवर करने के बाद जालंधर को भी जोड़ा जाएगा।

उन्होंने स्पष्ट किया कि रिहायशी इलाकों में गैस की कोई कमी नहीं है, बल्कि इंडस्ट्री सेक्टर को प्राथमिकता के साथ जोड़ा जा रहा है।
पहले घर, अब इंडस्ट्री को मिलेगा फायदा
सरकार के मुताबिक अब तक 7 जिलों—जालंधर, लुधियाना, कपूरथला, नवांशहर, मोहाली, रूपनगर और पटियाला—में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) पहुंच चुकी है। इन जिलों में करीब 1.30 लाख कनेक्शन दिए जा चुके हैं। कुछ स्थानों पर स्थानीय विरोध के कारण काम की रफ्तार धीमी हुई थी, लेकिन अब इसे दोबारा तेज किया जा रहा है।
मंडी गोबिंदगढ़ और राजपुरा में भी पाइपलाइन बिछाने का काम जारी है। सरकार का फोकस अब औद्योगिक इकाइयों को प्राकृतिक गैस से जोड़कर उत्पादन में रुकावट को खत्म करना है।
39 लाख PNG कनेक्शन का लक्ष्य
सरकार ने इस साल 39 लाख नए PNG कनेक्शन देने का टारगेट रखा है। शहरों की हर गली तक पाइपलाइन पहुंचाने का काम तेजी से चल रहा है ताकि घरेलू और औद्योगिक दोनों उपभोक्ताओं को लाभ मिल सके। मंत्री ने कहा कि जहां-जहां पाइपलाइन पहुंची है, वहां स्थिति सामान्य और बेहतर है।
LPG के मुकाबले PNG से सालाना ₹1800 की बचत
आंकड़ों के अनुसार यदि कोई परिवार महीने में एक 14.2 किलो का LPG सिलेंडर इस्तेमाल करता है, तो उसका खर्च करीब ₹1000 बैठता है। वहीं, उसी खपत के बराबर लगभग 16-17 SCM PNG की जरूरत होती है। यदि PNG की औसत दर ₹50 प्रति SCM मानी जाए तो मासिक खर्च करीब ₹850 आएगा।

इस तरह परिवार हर महीने करीब ₹150 और साल भर में लगभग ₹1800 की बचत कर सकता है। नियमित सप्लाई वाले क्षेत्रों में PNG को LPG से सस्ता और सुविधाजनक विकल्प माना जा रहा है।
PNG कनेक्शन लेने की प्रक्रिया
नया PNG कनेक्शन ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से लिया जा सकता है। संबंधित गैस कंपनी की वेबसाइट पर जाकर ‘New PNG Connection’ विकल्प चुनना होता है।
आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने और फीस जमा करने के बाद आवेदन का रेफरेंस नंबर मिलता है। आमतौर पर 15 से 30 दिनों में कनेक्शन इंस्टॉल कर दिया जाता है।
कनेक्शन का खर्च
फुल पेमेंट स्कीम में करीब ₹7090 तक का खर्च आता है, जिसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट और एप्लिकेशन फीस शामिल होती है। EMI स्कीम के तहत ₹1090 देकर शेष राशि किस्तों में चुकाई जा सकती है। सिक्योरिटी डिपॉजिट रिफंडेबल होता है, जबकि एप्लिकेशन फीस नॉन-रिफंडेबल रहती है।
सरकार का दावा है कि जल्द ही पूरे पंजाब में पाइपलाइन नेटवर्क मजबूत किया जाएगा, जिससे इंडस्ट्री और घरेलू उपभोक्ताओं को गैस संकट से पूरी तरह राहत मिल सके।
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