जालंधर (हरीश शर्मा). भाजपा व संघ से जुड़े लोग माननीय राम लाल जी के नाम से अच्छी तरह से वाकिफ होंगे लेकिन आम जनता व पब्लिक इस नाम से इतनी जानकार नहीं है। माननीय राम लाल जी राष्ट्रीय संगठन महामंत्री हैं, जो भाजपा व आरएसएस के बीच की कड़ी है। रामलाल जी ही तय करते हैं कि किस सीट पर कौन सा उम्मीदवार बेहतर रहेगा और संघ की तमाम पॉलिसी के अलावा संघ के एजेंडे को लागू करवाना व भाजपा में अच्छे उम्मीदवारों को आगे लाना उनका काम है। इस काम की कड़ी में संघ की तरफ से एक नाम प्रोजेक्ट किया गया है, जो चंद दिनों में ही एकदम आगे आया है, वह है आप के पूर्व सांसद हरिंदर सिंह खालसा का।

खालसा ने भाजपा ज्वाइन की है और ज्वाइन करवाने वाले कोई और नहीं माननीय राम लाल जी है। खालसा रविदासिया समाज से हैं और अमृतधारी सिख हैं। राम लाल जी ने उनको भाजपा का कमल का फूल पकड़ाकर एक तीर से दो शिकार कर दिये हैं। एक तो सिख समुदाय में यह संदेशा देने की कोशिश की है कि भाजपा व आरएसएस सिख विरोधी नहीं है, सिख समुदाय को पूरा प्रतिनिधित्व दिया जा रहा है। भुल्लथ के अलावा टांडा व आसपास के इलाकों में सिखों का काफी वोट बैंक है। इसलिए रामलाल जी की पहली पसंद खालसा बन गए हैं।

दूसरा ​निशाना होशियारपुर में गुटबाजी को खत्म कर एक नया चेहरा देना है और पढ़ी लिखी क्लास को अपनी तरफ खींचना है। खालसा पूर्व आईआरएस अधिकारी हैं और लंबे समय तक अपनी सेवाएं दे चुके हैं।​ वह कांग्रेस सरकार के समय से नोकरी छोड़कर आ गए थे क्योंकि कांग्रेस को वह सिख विरोधी मानते थे।इसके अलावा होशियारपुर में रविदासिया समाज की वोट है और आरएसएस के सर्वे में यह पाया गया है कि सिखों के साथ साथ रविदासिया समाज व हिंटू वोटर खालसा को वोट कर सकता है। हालांकि इस सीट पर विजय सांपला मौजूदा सांसद है लेकिन राम लाल जी ने हरिंदर सिंह खालसा को पार्टी में यह लाकर अपना संदेशा पंजाब व आरएसएस वर्करों को दे दियाहै।