जालंधर, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा): जालंधर स्थित भार्गव कैंप इलाके में उस समय भारी हंगामा हो गया जब एक शिकायत के आधार पर पुलिस टीम छापेमारी करने पहुंची। आरोप है कि पुलिस कर्मियों ने घर में घुसकर न केवल युवकों को जबरन उठाने की कोशिश की, बल्कि बीच-बचाव करने आई महिलाओं के साथ भी जमकर मारपीट और बदसलूकी की। पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन पर वर्दी के रौब का दुरुपयोग करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को किसी पुराने आपसी झगड़े के संबंध में एक शिकायत मिली थी। इसी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस की टीम भार्गव कैंप में एक घर पर दबिश देने पहुंची।

परिजनों का कहना है कि पुलिस बिना किसी महिला कर्मचारी के या उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना घर में दाखिल हुई और घर के लड़कों को जबरन खींचकर ले जाने लगी।
महिलाओं के साथ मारपीट के आरोप
पीड़ित महिलाओं ने कैमरे के सामने अपने जख्म दिखाते हुए बताया कि जब उन्होंने अपने बच्चों को पुलिस की ‘धक्का-मुशाही’ से बचाने की कोशिश की, तो पुलिस कर्मियों ने मर्यादा की सारी हदें पार कर दीं। पीड़ित महिला के अनुसार, पुलिस ने उन्हें थप्पड़ मारे, उनके कपड़े खींचे और उनके साथ गाली-गलौज की।

सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के दावे
परिजनों का दावा है कि पुलिस ने सरेआम गुंडागर्दी की है। घटना के दौरान मौजूद लोगों ने बताया कि पुलिस का व्यवहार अपराधियों जैसा था। परिवार का कहना है कि अगर कोई शिकायत थी, तो पुलिस को कानून के दायरे में रहकर जांच करनी चाहिए थी, न कि महिलाओं पर हाथ उठाना चाहिए था।
पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से गुहार लगाई है कि दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में चुप नहीं बैठेंगे और पुलिस की इस ज्यादती के खिलाफ शिकायत दर्ज कराएंगे।














