सर्वोदय अस्पताल मेडिकल फ्रॉड केस में अदालत सख्त: नामजद आरोपी अब तक फरार, पुलिस से मांगा स्पष्टीकरण

जालंधर, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा): जालंधर के चर्चित सर्वोदय अस्पताल मेडिकल फ्रॉड मामले में माननीय अदालत ने कड़ा रुख अपनाते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी से जुड़े इस केस में नामजद आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होने पर न्यायालय ने नाराजगी जताई है और एडीसीपी सिटी-2 से स्पष्ट जवाब तलब किया है।

यह मामला डॉ. पंकज त्रिवेदी बनाम डॉ. राजेश अग्रवाल व अन्य से संबंधित है। केस में सर्वोदय अस्पताल से जुड़े डॉ. राजेश अग्रवाल, डॉ. कपिल गुप्ता, डॉ. संजय मित्तल, डॉ. अनवर खान और नोएडा निवासी चार्टर्ड अकाउंटेंट संदीप कुमार सिंह को आरोपी बनाया गया है। सभी पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी, जालसाजी और आपराधिक साजिश के आरोप लगाए गए हैं।

थाना नवी बारादरी में दर्ज FIR नंबर 233 दिनांक 23.12.2025, इलाका मजिस्ट्रेट के आदेश पर दर्ज हुई थी, जिसमें आईपीसी की धारा 420, 465, 467, 468, 471, 477-A और 120-B लगाई गई हैं—जो गैर-जमानती श्रेणी में आती हैं।

इसके बावजूद गिरफ्तारी न होने पर न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी-8, जालंधर ने चिंता जताते हुए पूछा है कि पुलिस कार्रवाई में देरी के पीछे वैधानिक कारण क्या हैं।

अदालत में पेश रिपोर्ट के अनुसार जांच एडीसीपी हरिंदर सिंह गिल की निगरानी में चल रही है। पिछली सुनवाई में पुलिस का पक्ष न्यायालय को अपर्याप्त लगा, जिसके बाद अदालत ने BNSS की धारा 175 के तहत अपने सुपरवाइजरी अधिकारों का प्रयोग किया।

शिकायतकर्ता की ओर से धारा 75 Cr.P.C./79 BNSS के तहत गिरफ्तारी वारंट जारी करने की अर्जी भी दायर की गई है।

शिकायत में आरोप है कि दस्तावेजों में हेरफेर कर अस्पताल को जानबूझकर घाटे में दिखाया गया और पार्टनर्स के साथ धोखाधड़ी की गई।

अदालत के सख्त रुख के बाद अब इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केस और गंभीर मोड़ ले सकता है।

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