अमृतसर/चंडीगढ़, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा): श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 गायब पावन स्वरूपों से जुड़े अत्यंत संवेदनशील मामले की जांच ने अब तेज़ी पकड़ ली है।
पंजाब सरकार द्वारा गठित विशेष जांच टीम (SIT) के प्रमुख और एआईजी विजिलेंस जगतप्रीत सिंह के नेतृत्व में एसआईटी की टीम बुधवार को शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के मुख्य कार्यालय पहुंची, जहां मामले से जुड़े अहम रिकॉर्ड और दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की गई।

सूत्रों के अनुसार, एसआईटी अब तक करीब 50 पावन स्वरूपों का पता लगा चुकी है, जो अलग-अलग लोगों के घरों में रखे गए हैं। इन स्वरूपों की मर्यादा के अनुसार बरामदगी के लिए एसआईਟੀ द्वारा एसजीपीसी से सहयोग मांगा गया है।
इसी कड़ी में अमृतसर और चंडीगढ़ स्थित एसजीपीसी कार्यालयों में टीम द्वारा दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है और कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है।

चूंकि यह मामला सिख संगत की गहरी धार्मिक भावनाओं से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसकी जांच को लेकर पूरे प्रदेश में विशेष गंभीरता बरती जा रही है।
पहले भी इस मामले की जांच हुई थी, लेकिन इसे और अधिक पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने के उद्देश्य से सरकार ने एसआईटी का गठन किया है, जो अब हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।

अकाल तख्त साहिब के आदेशों के बाद एसजीपीसी ने जांच में पूरा सहयोग देने का ऐलान किया है। शिरोमणि कमेटी के मुख्य सचिव कुलवंत सिंह मन्नन ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के आदेश उनके लिए सर्वोपरि हैं और कमेटी एसआईटी को हर स्तर पर सहयोग देगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां-जहां पुलिस को सहायता की आवश्यकता होगी, वहां बिना किसी हिचक के सहयोग किया जाएगा, ताकि सच्चाई सामने आ सके और सिख संगत का भरोसा कायम रहे।
एसजीपीसी ने यह भी दोहराया कि इस संवेदनशील मामले में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ काम किया जाएगा, ताकि दोषियों की पहचान हो सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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