काठमांडू/नई दिल्ली। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भोटेकोशी नदी में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। नेपाल में अब तक 903 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 4,247 लोग लापता बताए जा रहे हैं। 10 हजार से अधिक लोगों को प्रभावित इलाकों से सुरक्षित निकाला जा चुका है, जबकि 267 लोग घायल हैं। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, लेकिन दोबारा बाढ़ आने का खतरा अभियान के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।

933 जलविद्युत कर्मचारी सुरंगों में फंसे होने की आशंका
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ के बाद कम से कम 933 जलविद्युत परियोजना कर्मचारियों के सुरंगों के अंदर फंसे होने की आशंका है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित क्षेत्रों तक राहत पहुंचाने के लिए बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

त्रिशूली नदी फिर उफनी, झूला पुल बहा
मध्य नेपाल में रविवार सुबह त्रिशूली नदी में दोबारा बाढ़ आने से गोरखा जिले में एक सस्पेंशन ब्रिज बह गया। यह पुल गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-8 के घ्यालचोक को पृथ्वी राजमार्ग के पास स्थित चरौंदी से जोड़ता था। करीब तीन घंटे तक रहे तेज बहाव के दौरान सुबह लगभग 11:30 बजे पुल बह गया।

पुल टूटने से गंडकी ग्रामीण नगरपालिका-7 और 8 के करीब 400 परिवारों का पृथ्वी राजमार्ग से संपर्क टूट गया है। सुरक्षा एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं और लोगों को नदी व बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
तिब्बत में भी भारी तबाही
नेपाल के साथ चीन के तिब्बत क्षेत्र में भी बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार चीन ने अब तक 16 मौतों की पुष्टि की है और 500 से अधिक लोगों के लापता होने की जानकारी दी है। दोनों देशों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।














