जालंधर में पिरामिड ई-सर्विस के बाहर हंगामा: वीजा फ्रॉड और फर्जी कॉलेज में दाखिले के आरोप, ओमान में बेटी की मौत पर मां का फूटा दर्द

 पीड़ित परिवारों का एजेंसी पर गंभीर आरोप; ₹65 लाख लेने के बाद 8 महीने से वीजा का इंतजार, पुलिस ने शिकायतें लेकर जांच शुरू की

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो: जालंधर में पिरामिड ई-सर्विस नामक ट्रेवल एजेंसी के कार्यालय के बाहर कथित वीजा फ्रॉड और विदेश में दाखिले के नाम पर धोखाधड़ी के आरोपों को लेकर पीड़ित परिवारों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एजेंसी पर लाखों रुपये लेने के बावजूद वीजा और पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं का समाधान न करने के आरोप लगाए।

🇨🇦 कनाडा भेजा, फर्जी कॉलेज में दाखिले का आरोप

पीड़िता सुखविंदर कौर ने आरोप लगाया कि एजेंसी के माध्यम से उनकी बेटी नवजीत कौर का कनाडा के कैलगरी स्थित पटाज कॉलेज में स्टडी वीजा लगवाया गया था। महिला का आरोप है कि बेटी को जालंधर के ही एक एजेंट द्वारा संचालित कथित फर्जी कॉलेज में दाखिला दिलाया गया।

सुखविंदर कौर के अनुसार, एक-दो साल पढ़ाई करने के बावजूद छात्रा को वर्क परमिट और क्रेडिट नहीं मिल रहे, जिससे उसका भविष्य और परिवार के लाखों रुपये दांव पर लग गए हैं। उनका कहना है कि अब बच्चों को दोबारा करीब दो साल की पढ़ाई करनी पड़ सकती है।

💰 ₹65 लाख लेने का आरोप, 8 महीने से वीजा होल्ड

 

प्रदर्शन में शामिल नवनीत कुमार ने आरोप लगाया कि उसने 2026 में ऑस्ट्रेलिया के स्टडी वीजा के लिए आवेदन किया था। उसके मुताबिक, एजेंसी ने उससे करीब ₹65 लाख लिए, लेकिन आठ महीने इंतजार के बाद वीजा जारी होने के अगले ही दिन उसे होल्ड पर बता दिया गया।

 

नवनीत का आरोप है कि पिछले करीब दो वर्षों से वह एजेंसी के चक्कर लगा रहा है, लेकिन उसे संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा।

 

😢 ओमान भेजी गई 22 वर्षीय युवती की मौत का भी मामला उठा

 

प्रदर्शन के दौरान एक मां ने अपनी 22 वर्षीय बेटी की मौत को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। महिला के अनुसार, उसकी बेटी को शारजाह भेजने की बात कहकर ओमान भेज दिया गया, जहां करीब चार महीने पहले उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

 

मां ने आरोप लगाया कि मामले में आरोपियों को कानूनी कार्रवाई से बचाने के लिए सांठगांठ की गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की वास्तविक स्थिति जांच के बाद स्पष्ट होगी।

 

🏢 कर्मचारियों से जवाब मांगने पहुंचे पीड़ित

 

पीड़ितों ने आरोप लगाया कि जब वे एजेंसी कार्यालय में अपनी शिकायतों का जवाब मांगने पहुंचे तो वरिष्ठ कर्मचारी सुनील, निताशा और काजल उनसे मिलने के बजाय कथित तौर पर बचते नजर आए।

 

मामले में पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों की शिकायतें प्राप्त कर ली गई हैं और जांच के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

पीड़ित परिवारों ने कहा कि एजेंसी की ओर से संतोषजनक समाधान नहीं मिलने पर वे सभी एकजुट होकर पुलिस और प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपेंगे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करेंगे।

 

नोट: एजेंसी के खिलाफ लगाए गए सभी आरोप पीड़ितों के बयानों पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद ही होगी।