जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो: सेंट्रल हलके में गंदगी और सफाई व्यवस्था को लेकर पहले से परेशान लोगों और कारोबारियों की मुश्किलें अब बारिश के पानी ने और बढ़ा दी हैं। रैनक बाजार में कुछ दिन पहले बनाई गई सड़क का लेवल सही न होने के कारण हल्की बारिश के बाद ही दुकानों के सामने पानी जमा हो रहा है। इससे बाजार में आने-जाने वाले लोगों के साथ-साथ दुकानदारों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। परेशान दुकानदारों ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर यही हाल रहा तो यहां ‘मछियां पाल लईये’।

रैनक बाजार में सड़क निर्माण के बाद पैदा हुई इस समस्या को लेकर जागरूक पंजाब ने स्थिति को प्रमुखता से उठाया था। खबर के बाद वर्शन लेने के लिए जतिन गुलाटी से संपर्क किया गया। इसके बाद जतिन गुलाटी ठेकेदार को साथ लेकर रैनक बाजार पहुंचे और मौके की स्थिति देखी।

जतिन गुलाटी ने दावा किया कि बारिश का पानी कुछ ही समय बाद निकल जाता है। हालांकि, मौके पर मौजूद दुकानदारों का कहना था कि समस्या केवल बारिश के तत्काल बाद की नहीं है और यहां हालात लगातार खराब बने रहते हैं। दुकानदारों के मुताबिक पानी जमा होने से ग्राहकों को दुकानों तक पहुंचने में परेशानी होती है और कारोबार पर सीधा असर पड़ता है।
सेंट्रल हलके में विधायक रमन अरोड़ा को पीछे करते हुए पंजाब सरकार द्वारा कारोबारी नितिन कोहली को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर लोगों की समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हो पा रही हैं। गंदगी के साथ अब बाजारों में बारिश का पानी जमा होना भी बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
रैनक बाजार की नई बनी सड़क को लेकर उठ रहे सवाल इस बात पर भी केंद्रित हैं कि निर्माण के समय सड़क का लेवल और पानी की निकासी का उचित ध्यान रखा गया या नहीं। कारोबारियों का कहना है कि बाजारों में पानी जमा रहने से उनकी रोजमर्रा की कारोबारी गतिविधियां प्रभावित होती हैं।
स्थानीय लोगों और दुकानदारों की मांग है कि संबंधित विभाग सड़क के लेवल और पानी की निकासी की समस्या को गंभीरता से देखे, ताकि बारिश के दौरान बाजार में दोबारा ऐसे हालात पैदा न हों।
पूरी सड़क बिना सीमेंट के ही बना दी
इस कांग्रेसी पार्षद परमजोत सिंह शैरी चड्ढा ने पहले सड़क घटिया बना दी और अब कौंसलर जतिन गुलाटी गायब हो गए हैं। घटिया काम किया गया है। लोग परेशान हैं। बाजार में कारोबार ठप हो गया है। हलका इंचार्ज नितिन कोहली सड़कें तो बनवा रहे हैं लेकिन काम घटिया हो रहा है। वे खुलकर इसका विरोध करेंगे। उन्होंने दावा किया कि पूरा बाजार उनके साथ है।














