धनतेरस से पहले सर्राफा बाजार नरम: सोना-चांदी ₹4,400 से ज्यादा टूटे; क्या यही है खरीदारी का सही मौका?

नई दिल्ली/मुंबई, रोजाना भास्कर ब्यूरो। दिवाली और धनतेरस के पावन त्योहार से ठीक पहले कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दिख रही है। त्योहारी सीजन की खरीदारी की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए राहत की खबर यह है कि सर्राफा और कमोडिटी बाजार खुलते ही सोने और चांदी के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

बाजार खुलने के महज एक घंटे के भीतर कीमतें 4,400 रुपये से ज्यादा तक नीचे आ गईं। ऐसे में जो निवेशक और खरीदार पिछले कुछ समय से भाव कम होने की उम्मीद लगाए बैठे थे, उनके लिए इसे खरीदारी का एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

एमसीएक्स पर मंगलवार को क्या दर्ज किए गए सोने और चांदी के नए भाव?

मंगलवार की सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर कारोबार की शुरुआत भारी बिकवाली के साथ हुई। सुबह 10 बजे के करीब एमसीएक्स पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना प्रति 10 ग्राम 1,386 रुपये टूटकर 1,38,875 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

वहीं, चांदी के वायदा भाव में इससे भी ज्यादा तीखा झटका देखा गया। दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ 4,429 रुपये टूटकर 1,79,200 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।

इतनी बड़ी गिरावट के पांच मुख्य कारण क्या हैं?

कमोडिटी विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक और घरेलू स्तर पर कई ऐसे कारक रहे जिन्होंने कीमती धातुओं पर दबाव बनाया है:

ऊंची ब्याज दरों का दबाव: अमेरिका में महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और मध्य-पूर्व (ईरान) तनाव के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व लंबे समय तक ब्याज दरें ऊंची रख सकता है, जिसका असर सराफा बाजार पर पड़ रहा है।

महंगा और मजबूत डॉलर: अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से अन्य देशों के खरीदारों के लिए डॉलर-मूल्य वाला सोना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग सुस्त हुई है।

शेयर बाजार में बिकवाली का असर: इक्विटी बाजारों, विशेष रूप से टेक और एआई कंपनियों के शेयरों में हुए नुकसान की भरपाई और लिक्विडिटी (नकदी) जुटाने के लिए निवेशकों ने सोने-चांदी में मुनाफावसूली की।

रिकॉर्ड तेजी के बाद प्रॉफिट बुकिंग: इस साल जनवरी में अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 5,595 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गया था, जिसके बाद बड़े फंड और निवेशक लगातार मुनाफा निकाल रहे हैं।