अमृतसर, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा): पंजाब सरकार द्वारा 328 श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के स्वरूपों के गायब होने के मामले में दर्ज किए गए पुलिस केस पर पांच सिंह साहिबान ने कड़ा विरोध जताया है।

सिंह साहिबान ने इसे शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) की कार्यप्रणाली में सरकार का अनुचित हस्तक्षेप करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाल तख्त साहिब के आदेश पर पहले ही इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और दोषियों को सजा दी जा चुकी है, ऐसे में दोबारा पुलिस जांच कराना मर्यादा के विरुद्ध है।
सिंह साहिबान ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी से जुड़े मामलों की जांच पुलिस या थानों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती।
उन्होंने पूर्व अनुभवों का हवाला देते हुए कहा कि पुलिस से निष्पक्ष जांच की कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि सिख संस्थाओं की कई शिकायतों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस कारण एसजीपीसी को अपने स्तर पर ठोस कार्य योजना बनाकर कार्रवाई करनी चाहिए।
इसके साथ ही पांच सिंह साहिबान ने अहम फैसले लेते हुए कहा कि किसी भी पर्यटक स्थल, मैरिज पैलेस या वेडिंग डेस्टिनेशन पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश करना सिख मर्यादा के अनुरूप नहीं है और इस पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
वहीं, गुरु साहिबान और उनके परिवारों के किरदारों को फिल्म, नाटक या किसी भी दृश्य माध्यम में प्रस्तुत करना भी पूरी तरह अस्वीकार्य होगा।
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