PM मोदी का पंजाब दौरा: जालंधर पहुंचे, डेरा बल्लां में माथा टेकने पहुंचे, आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदला; हलवारा टर्मिनल का उद्घाटन

जालंधर, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंजाब दौरे पर जालंधर पहुंच गए हैं। वे गुरु रविदास जी महाराज की जयंती के अवसर पर रविदासिया समाज के प्रमुख धार्मिक स्थल डेरा सचखंड बल्लां में माथा टेका।

आदमपुर एयरपोर्ट पर लैंडिंग के बाद PM हेलिकॉप्टर से डेरा बल्लां रवाना हुए, जहां वे करीब 40 मिनट रुककर पंगत में लंगर छका और संगत से मुलाकात की।

इस अवसर पर PM पंजाब को दो बड़ी सौगात देंगे। डेरा बल्लां से ही जालंधर के आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरु रविदास महाराज एयरपोर्ट, आदमपुर कर दिया गया। साथ ही लुधियाना के हलवारा एयरपोर्ट पर बने नए टर्मिनल का वर्चुअल उद्घाटन भी किया।

हलवारा एयरपोर्ट पर उद्घाटन कार्यक्रम के लिए CM भगवंत मान, केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू, केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू और राज्यसभा सदस्य राजिंदर गुप्ता मौजूद हैं। आदमपुर एयरपोर्ट पर नए नाम के बैनर की पहली तस्वीर भी सामने आई है।

दौरे के मुख्य बिंदु

डेरा बल्लां में गुरु रविदास जी की 649वीं जयंती पर श्रद्धांजलि और संदेश।

संतों का आशीर्वाद, संगत के साथ समय और लंगर ग्रहण।

करीब 100 चयनित लोगों से मुलाकात।

समानता और भाईचारे के संदेश के साथ पंजाब को लेकर विचार साझा करना।

राजनीतिक हलकों में इस दौरे को 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अहम माना जा रहा है।

PM मोदी ने संत निरंजन दास के पैर छुए:जालंधर के डेरा बल्लां में बोले- मेरा रिश्ता संत रविदास की जन्मभूमि काशी से।

PM मोदी ने संत निरंजन दास के पैर छूकर श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा- मेरा रिश्ता संत रविदास जी की जन्मभूमि काशी से है। मैं पंजाब दी धरती नूं नमन करदा हां (मैं पंजाब की धरती को नमन करता हूं)।

वहीं, कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डेरे के प्रबंधक ने कहा कि हम PM के आने से बहुत खुश हैं। पहली बार कोई प्रधानमंत्री हमारे बीच आया।

PM दिल्ली से आदमपुर एयरपोर्ट पहुंचे, जहां उन्होंने पहले आदमपुर एयरपोर्ट का नाम बदलकर श्री गुरू रविदास महाराज जी एयरपोर्ट, आदमपुर रखने का उद्घाटन किया। इसके बाद लुधियाना के हलवारा स्थित इंटरनेशनल एयरपोर्ट का वर्चुअल उद्घाटन किया।

पीएम मोदी ने गुरू रविवास के तीन श्लोक पढ़कर विकसित भारत के साथ जोड़ा, खुद श्लोक की व्याख्या कर बटोरी तालियां

जालंधर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में संत गुरु रविदास जी की वाणी से तीन प्रमुख श्लोक पढ़े और उनके भावार्थ को वर्तमान भारत की परिस्थितियों तथा ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य से जोड़ा।

प्रधानमंत्री ने गुरु रविदास जी का प्रसिद्ध श्लोक “बेगमपुरा शहर को नाउँ…” पढ़ते हुए कहा कि यह उस आदर्श समाज की कल्पना है, जहां न दुख हो, न भेदभाव, न कर या अन्याय का भय। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी का यह विचार आज के भारत के लिए मार्गदर्शक है और यही समतामूलक व विकसित भारत की मूल भावना है।

इसके बाद प्रधानमंत्री ने “मन चंगा तो कठौती में गंगा” पंक्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि मन पवित्र और कर्म ईमानदार हों, तो संसाधन या स्थान मायने नहीं रखते। उन्होंने इसे आंतरिक शुद्धता, नैतिकता और कर्मप्रधान जीवन का संदेश बताया।

अपने संबोधन में तीसरे श्लोक “ऐसा चाहूं राज मैं…” का पाठ करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गुरु रविदास जी ऐसे शासन की कल्पना करते थे, जहां हर व्यक्ति को अन्न मिले और समाज में ऊंच-नीच का कोई स्थान न हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि यही भावना आज ‘सबका साथ, सबका विकास’ के रूप में सरकार की नीतियों का आधार है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि संत गुरु रविदास जी की वाणी केवल आध्यात्मिक संदेश नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय, समानता और मानवीय गरिमा का दर्शन है, जो आज भी भारत के विकास पथ को दिशा देता है।

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