नार्थ हलके व सेंट्रल से बीजेपी अकाली दल को जिताने के लिए पूर्व सीपीएस केडी भंडारी का काफी योगदान।

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पंजाब रोजाना भास्कर(आर.बी)जालन्धर सहित नकोदर, आदमपुर में चौधरी को जनता ने पूरी तरह से नकार दिया और अकाली दल तथा बसपा के हक में ज्यादा वोट डाले।
वहीं कांग्रेस का गढ़ माने जाने वाले जालन्धर सैंटर तथा नार्थ में संतोख सिंह चौधरी अटवाल से हार गए। एमएलए की लापरवाही का पूरा फायदा लिया अकाली दल भाजपा के पूर्व सीपीएस केडी भंडारी ने नार्थ हलके में कांग्रेसियों के खिलाफ लोगों में काफी निराशा देखी गई


नार्थ हलके व सेंट्रल से बीजेपी अकाली दल को जिताने के लिए पूर्व सीपीएस केडी भंडारी का काफी योगदान रहा
सैंटर हल्के में अटवाल को चौधरी के मुकाबले 5304 वोट ज्यादा मिले
नार्थ हल्के से अटवाल को चौधरी के मुकाबले 3800 तथा
नकोदर में 3808 वोट इसके अलावा आदमपुर में बसपा का बोलबाला रहा और यहां बलविंदर 2000 वोट से आगे रहे।
अगर जालन्धर वैस्ट हल्के से विधायक सुशील रिंकू संतोख सिंह चौधरी की डूबती नैया को सहारा न देते तो आज कांग्रेस को यह सीट गंवानी पड़ सकती थी क्योंकि इस सीट पर दूसरे पायदान पर शिअद से अटवाल चौधरी को कड़ी टक्कर दे रहे थे।
जबकि शाहकोट में 18992 , फिल्लौर में 9000, करतारपुर में 2562, जालन्धर कैंट में 2421 तथा जालन्धर वैस्ट में 1500 वोट से कांग्रेस आगे रही।
साल 2014 मेंं 70 हजार वोट की लीड से जीतने वाले संतोख सिंह चौधरी इस बार 300000 वोटों से जीतने का दावा कर रहे थे लेकिन महज 20 हजार की लीड पर ही सिमट गए।
इस बार 3,81,016 वोट ही हासिल हुए जबकि अकाली दल से चरणजीत सिंह अटवाल को 3,61,435 बसपा से बलविंदर कुमार को 2,03,946 जबकि आप के जस्टिस जोरा सिंह को 25,282 वोट हासिल हुए। किसी भी कैंडिडेट को ना पसंद होने पर वोटरों ने नोटा को 12234 वोट किये
जालन्धर से कांग्रेसी उम्मीदवार संतोख सिंह चौधरी ने 20 हजार की लीड से जीत हासिल की।