रात के अंधेरे में कथित तौर पर शुरू होता है खेल, फर्जी बिलिंग और GST चोरी की भी शिकायतें—जांच हो तो खुल सकते हैं बड़े राज
जालंधर रोज़ाना भास्कर (ब्यूरो)। कंगनीवाल इंडस्ट्रियल एस्टेट, होशियारपुर रोड, जालंधर में कंप्यूटर कांटा और स्क्रैप कारोबार की आड़ में कथित तौर पर चोरी के वाहनों को खरीदकर कुछ ही घंटों में काटकर खुर्द-बुर्द किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार कुछ संदिग्ध वाहन होशियारपुर–गढ़शंकर की तरफ से होते हुए तालीवाल मार्ग के रास्ते पंजाब से बाहर ले जाए जाने की बात भी सामने आ रही है।

सूत्रों का दावा है कि रात के समय कथित रूप से वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है और स्क्रैप के नाम पर आने वाले वाहनों की पहचान और दस्तावेजों की जांच बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। आरोप यह भी हैं कि कंप्यूटर कांटे की आड़ में कथित तौर पर संदिग्ध बिल तैयार किए जाते हैं, जिससे वास्तविक खरीद-बिक्री और स्क्रैप की मात्रा का पता लगाना मुश्किल हो सकता है।
GST चोरी के आरोप, विभाग की जांच जरूरी
मामले में GST चोरी और कथित फर्जी बिलिंग के आरोप भी लगाए जा रहे हैं। यदि जांच में बिना वास्तविक माल अथवा वास्तविक लेन-देन के बिल जारी करने की पुष्टि होती है तो GST कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।
वहीं चोरी की संपत्ति को जानबूझकर प्राप्त करने, रखने या उसे छिपाने/नष्ट करने में मदद करने की स्थिति में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317 के तहत भी मामला बन सकता है—हालांकि कौन-सी धाराएं लागू होंगी, यह पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।
सरकारी एजेंसियां जांच करें तो सामने आ सकती है पूरी तस्वीर
स्थानीय लोगों और सूत्रों के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। ऐसे में पुलिस, GST विभाग और परिवहन विभाग द्वारा यदि स्क्रैप खरीद के रिकॉर्ड, वाहन नंबर, CCTV फुटेज, ई-वे बिल, GST बिल, कांटा पर्चियां और वाहनों के दस्तावेजों की जांच की जाए तो पूरे मामले की वास्तविकता सामने आ सकती है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर कोई वाहन चोरी का है तो वह स्क्रैप के रूप में खरीदा कैसे गया और उसे काटने अथवा पंजाब से बाहर ले जाने से पहले उसके दस्तावेजों की जांच किस स्तर पर हुई?
रोज़ाना भास्कर इस मामले में किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहरा रहा है। आरोपों की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है।
अगली कड़ी में: इस कथित नेटवर्क में कौन-कौन लोग जुड़े होने की चर्चा है, कब से चल रहा है यह कारोबार और किन रास्तों से वाहनों की आवाजाही होने के आरोप हैं, इसकी पड़ताल सामने रखी जाएगी।














