जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो: भारतीय जनता पार्टी के सांसद ने जालंधर और आसपास के इलाकों में श्मशान घाटों के जीर्णोद्धार और विकास के लिए सांसद निधि से विशेष वित्तीय सहायता देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब में फैल रहे नशे के मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर जमकर हमला बोला। सांसद का कहना है कि राज्य सरकार की कार्रवाई केवल एक दिखावा है, जबकि राज्य में नशा लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने सीबीआई (CBI) के दुरुपयोग के आरोपों को खारिज करते हुए अपनी भावी चुनाव योजनाओं पर भी स्थिति स्पष्ट की।

श्मशान घाटों के विकास के लिए पहल
सांसद अशोक मित्तल ने कहा कि जीवन का सबसे बड़ा कड़वा सच यह है कि अंत समय में हर इंसान को श्मशान घाट ही जाना पड़ता है। इसके बावजूद, आमतौर पर कोई भी श्मशान घाटों के रखरखाव और विकास कार्यों के लिए फंड जारी नहीं करता इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने खुद पहल की है।
उन्होंने मॉडल टाउन स्थित शिवपुरी के लिए 50 लाख रुपये और जालंधर कैंट के रामबाग के लिए 1 करोड़ रुपये की राशि दी है, ताकि अंतिम यात्रा में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
नशे के मुद्दे पर सरकार को घेरा
परविंदर सिंह झूोटा मामले और मेडिकल स्टोर पर हुई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए सांसद ने कहा कि जब आग लग जाती है, तब कुआं खोदने का कोई औचित्य नहीं होता। किसी एक दुकान पर कार्रवाई कर देना केवल जनता के गुस्से को शांत करने का एक ढोंग है।
उन्होंने आरोप लगाया कि आज पंजाब के हर घर तक नशा पहुंच चुका है और यह सब सरकार की अनदेखी के कारण हो रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि सत्ता में आने से पहले छह महीने में नशा खत्म करने का दावा करने वाली सरकार इतने साल बीत जाने के बाद भी इसे रोकने में नाकाम क्यों रही है?
सांसद ने कहा कि अब नशे का स्वरूप बदल चुका है। मेडिकल स्टोरों पर अवैध दवाइयां और टीके बेचे जा रहे हैं। जिन कैमिस्टों के लाइसेंस तीन-तीन बार निलंबित हो चुके हैं, उन्हें फिर से लाइसेंस दिए जा रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा राज्य और केंद्र दोनों की जिम्मेदारी है। अगर राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहती है, तो केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना ही पड़ेगा।












