पंजाब में सामूहिक छुट्टी पर सरकारी कर्मी, मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा- लोग परेशान हुए तो कार्रवाई होगी 

जालंधर/चंडीगढ़, रोजाना भास्कर ब्यूरो : पंजाब में कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच गतिरोध अब आंदोलन के अगले दौर में पहुंच गया है। पंजाब साझा मुलाजिम मंच ने अपनी मांगों के समर्थन में मंगलवार को पंजाब और चंडीगढ़ के सरकारी कार्यालयों में सामूहिक अवकाश का एलान किया गया था। क्लेरिकल कर्मचारियों के इस कदम से विभिन्न विभागों में नियमित कामकाज प्रभावित हुआ है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि मांगों पर सरकार की ओर से ठोस पहल नहीं हुई तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और तेज किया जाएगा।

कर्मचारियों के मुताबिक, सरकार बनने से पहले आम आदमी पार्टी की ओर से पुरानी पेंशन योजना बहाल करने, लंबित महंगाई भत्ते का भुगतान करने और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने जैसे मुद्दों पर आश्वासन दिया गया था। अब कर्मचारी इन वादों को लागू करने की मांग को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे हैं। इस सब के बीच मोहनजीत मामले को लेकर कर्मी काले कपड़े पहन कर विरोध दर्ज करवा रहे हैं।

वहीं मंत्री अमन अरोड़ा ने कर्मियों से कहा कि अगर उनकी हड़ताल के कारण आम जनता को परेशानी होगी तो कानून अनुसार कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कर्मियों से अपील की कि वह हड़ताल का रास्ता छोड़ कर बातचीत के जरिए समस्या का हल निजालने की ओर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि 2020 से करीब 85 हजार कर्मियों का DA 42% से बधाकर 60% किया गया है। वहीं अन्य कर्मियों को केंद्र सरकार जैसा वेतन देना प्रस्ताव विचाराधीन है।