पंजाब वासियों के लिए CM मान की बड़ी सौगात: दशकों का इंतजार खत्म, ‘लाल लकीर’ के अंदर बने मकानों के मालिकों को मालिकाना हक देने का ऐलान

हर घर और प्लॉट के नक्शे तथा राजस्व रिकॉर्ड से पारिवारिक विवाद खत्म होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

‘आबादी’ में रहने वाले दलितों और भूमिहीन लोगों के नाम पहली बार सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होंगे: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो: इस योजना को जनहितैषी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “लोगों को उनके घरों के मालिकाना हक के दस्तावेज देकर यह योजना संपत्ति के आधिकारिक रिकॉर्ड में लंबे समय से चली आ रही कमी को दूर करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रॉपर्टी कार्ड परिवार को यह भरोसा देता है कि उनके घर की पहचान और मालिकाना हक से संबंधित विवरण आधिकारिक रूप से दर्ज हो चुके हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना के तहत संपत्तियों की निशानदेही और नक्शे तैयार करने के लिए ड्रोन सर्वेक्षण और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। सर्वेक्षण के माध्यम से घरों की स्थिति और सीमाओं की पहचान की जा रही है तथा स्वामित्व संबंधी रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य लोगों के अधिकारों को स्पष्ट रूप से स्थापित करना और संपत्ति के रिकॉर्ड में पारदर्शिता लाना है, ताकि भविष्य में स्वामित्व को लेकर कोई भ्रम न रहे।”

उन्होंने कहा, “प्रॉपर्टी कार्ड जारी होने से योग्य लाभार्थियों को अपने घरों के स्वामित्व संबंधी दस्तावेजी मान्यता और कानूनी सुरक्षा मिलेगी। घरों की सीमाओं और स्वामित्व के स्पष्ट रिकॉर्ड से आपसी गलतफहमियों और संपत्ति विवादों को कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि औपचारिक प्रॉपर्टी रिकॉर्ड उपलब्ध होने से बैंकों से ऋण लेने की प्रक्रिया भी आसान हो सकती है, लेकिन ऋण की मंजूरी संबंधित बैंक के नियमों और पात्रता शर्तों पर ही निर्भर करेगी।”

उन्होंने कहा कि इस पहल से लोगों को अपने घरों के रखरखाव और सुधार के साथ-साथ अपने परिवारों के लिए भविष्य की योजना बनाने के लिए अधिक विश्वास मिलेगा। उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि इस योजना का लाभ हर योग्य परिवार तक पहुंचे और उनके घरों से संबंधित स्वामित्व के रिकॉर्ड स्पष्ट रूप से तैयार किए जाएं।’’

लाभार्थियों के साथ भावनात्मक जुड़ाव करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, ‘‘मैं सभी लाभार्थियों से अपील करता हूं कि वे अपने प्रॉपर्टी कार्ड पर दर्ज नाम, घर के विवरण और अन्य जानकारी की ध्यानपूर्वक जांच करें। किसी भी गलती या अस्पष्टता की स्थिति में उन्हें यह मामला संबंधित अधिकारियों के ध्यान में लाना चाहिए।’’

चरणबद्ध वितरण के बारे में विवरण देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पहले चरण में पंजाब भर के 2295 गांवों में प्रॉपर्टी कार्ड वितरित करने का प्रस्ताव है, जिसमें संगरूर जिले के 221 गांव शामिल हैं। दूसरे चरण में पंजाब भर के 1,668 गांवों में प्रॉपर्टी कार्ड वितरित किए जाएंगे। तीसरा चरण नवंबर में और चौथा दिसंबर में शुरू होगा।’’

उन्होंने कहा कि यह चरणबद्ध वितरण इसलिए तैयार किया गया है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि प्रॉपर्टी कार्ड अधिक से अधिक योग्य लाभार्थियों तक सुचारू और व्यवस्थित ढंग से पहुंचें। उन्होंने कहा, ‘‘मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे सर्वेक्षण, रिकॉर्डों के सत्यापन और प्रॉपर्टी कार्डों के वितरण के दौरान संबंधित टीमों का सहयोग करें। जनहितैषी योजना ‘मिशन मोड’ के तहत लागू की जा रही है और इस वर्ष के अंत तक पूरे राज्य को इसके दायरे में लाया जाएगा।’’

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा, ‘‘हमने धूरी को 47 करोड़ रुपये का जल प्रोजेक्ट तोहफे के रूप में दिया है। नहरी पानी को कृषि योग्य भूमि के 88 प्रतिशत हिस्से तक, विशेष रूप से टेलों तक पहुंचाया गया है, जिससे हमारे किसानों की फसल की पैदावार में वृद्धि हुई है। शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में पंजाब का पहले नंबर पर होना और बिजली के बिल शून्य होना अब हकीकत बन चुका है।’’ की गुंजाइश को रोकना है। नामांकन में धांधली और उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने से रोकने के आरोपों की जांच के बाद कोर्ट ने यह आदेश दिया है।

चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही परिणाम घोषित करने के आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही परिणाम घोषित किए जाएं। इससे इन वार्डों में नगर निगम चुनाव की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू होगी। इसी फैसले के तहत मोगा जिले के 22 वार्डों की चुनाव प्रक्रिया भी निरस्त की गई है।