सूत्रों का दावा: जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट घोटाले में ईडी की हो सकती है एंट्री, गायब दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी होगी जांच

जालंधर रोज़ाना भास्कर (ब्यूरों): जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट से जुड़े कथित घोटाले को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सूत्रों के हवाले से दावा किया जा रहा है कि मामले में जल्द ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक ईडी की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

सूत्रों का दावा है कि ट्रस्ट की एक महिला चेयरपर्सन के लगभग तीन-चार महीने के कार्यकाल के दौरान कुछ महत्वपूर्ण कंप्यूटर और दस्तावेज कथित रूप से गायब किए गए।ऐसा कथित घोटाले में फसे पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे को बचाने के उद्देश्य से किया गया है।

सूत्रों के हवाले से यह भी कहा जा रहा है कि यदि ट्रस्ट की सरकारी संपत्तियों, भूमि आवंटनों और रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच कराई जाती है, तो कई प्रभावशाली लोगों और नेताओं के नाम सामने आ सकते हैं।

आरोप हैं कि सरकारी जमीनों के आवंटन में अनियमितताएं हुईं और कुछ लोगों को नियमों के विपरीत लाभ पहुंचाया गया।

सूत्रों का यह भी दावा है कि रातों-रात कुछ कंप्यूटर और महत्वपूर्ण रिकॉर्ड कथित रूप से हटाए गए या गायब किए गए,

यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है और सभी दस्तावेजों की फोरेंसिक जांच कराई जाती है, तो पूरे प्रकरण से जुड़े कई नए तथ्य सामने आ सकते हैं।