केवी-3 के बाहर दर्दनाक हादसा: आर्मी ट्रक की चपेट में आने से पांचवीं की छात्रा की मौत, 10 दिन बाद था जन्मदिन

जालंधर, रोज़ाना भास्कर | हरीश शर्मा : जालंधर कैंट स्थित केंद्रीय विद्यालय-3 (केवी-3) के बाहर मंगलवार दोपहर करीब 2:30 बजे एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांचवीं कक्षा की छात्रा पायल की आर्मी के ट्रक की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद स्कूल के बाहर अफरा-तफरी मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

मौके पर पहुंचे छात्रा के पिता आशु मोंटा, निवासी सोढल, ने बताया कि उनकी बेटी पायल केंद्रीय विद्यालय-3 में पांचवीं कक्षा की छात्रा थी। परिवार के अनुसार, 21 जुलाई को पायल का जन्मदिन था, जबकि 20 जुलाई को उसके पिता आशु का जन्मदिन था। पायल अपनी मां से कह रही थी कि वह इस बार अपने पिता को जन्मदिन पर सरप्राइज देने वाली है, लेकिन उससे पहले ही यह दर्दनाक हादसा हो गया।

 

मृतक छात्रा की मां ने आरोप लगाया कि हादसा आर्मी ट्रक चालक की लापरवाही के कारण हुआ। उनका कहना है कि जब ट्रक आगे बढ़ रहा था तो वहां मौजूद स्कूल के बच्चे लगातार चिल्ला रहे थे, “अंकल रुको, आगे लड़की खड़ी है”, लेकिन चालक ने उनकी आवाज़ नहीं सुनी और ट्रक पायल के ऊपर चढ़ गया।

 

जमीन पर बिखरे बेटी के खून को देख बदहवास होकर गिर गई मां

अपनी मासूम बेटी के साथ हुए इस भयानक हादसे की खबर मिलते ही मां शालू भी रोती-बिलखती हुई घटनास्थल पर पहुंच गईं। वहां का मंजर देखकर वह सुध-बुध खो बैठीं और बदहवास स्थिति में बेटी के बिखरे हुए खून के पास ही जमीन पर गिर गईं। मां बार-बार चीखते हुए यही कह रही थी कि “मेरी बेटी का यह क्या हाल हो गया।” मां की यह हालत देखकर वहां मौजूद हर राहगीर की आंखें नम हो गईं।

 

पिता की आंखों के सामने ही था दिल दहला देने वाला दृश्य

पायल के पिता आशु मोंटा का रो-रोकर बुरा हाल था और वे बार-बार दहाड़े मारकर रो रहे थे कि “मेरी बेटी को क्या हो गया।” उन्होंने रुंधे हुए गले से बताया कि उन्होंने अपनी बेटी की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ही उसे स्कूल भेजने के लिए ऑटो के बजाय खास तौर पर टेंपो ट्रैवलर हायर किया था। वे जानते थे कि ऑटो उतना सुरक्षित नहीं होता, इसलिए उन्होंने यह फैसला लिया था। उन्हें बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि इतनी छोटी सी उम्र में भगवान उनकी बेटी को उनसे इस तरह छीन लेगा।

इस दौरान घटनास्थल पर एक बेहद दिल दहला देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब बेबस पिता की आंखों के सामने ही उसकी लाडली बेटी के सिर के हिस्से पड़े हुए थे और वहां कौवे उन हिस्सों को उठाने लगे। अपनी ही आंखों के सामने अपनी बच्ची के साथ यह सब होता देख पिता का धैर्य पूरी तरह से जवाब दे गया और वे दहाड़ें मार-मारकर जोर-जोर से रोने लगे। मौके पर मौजूद लोग परिजनों को संभालने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन इस भारी दुख के आगे सब बेबस नजर आए।

 

 

प्रत्यक्षदर्शी बच्चों के अनुसार, पायल स्कूल के बाहर कुल्फी खरीदने के लिए वाहन से उतरी थी, तभी पीछे से आए आर्मी ट्रक ने उसे अपनी चपेट में ले लिया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है ताकि हादसे के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके।

नोट: इस समाचार में परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा लगाए गए आरोपों को उनके कथन के रूप में प्रस्तुत किया गया है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।