CIA एजेंट बनकर राष्ट्रपति तक बनाई पहुंच! भारतवंशी कारोबारी पर अरबों की डिफेंस डील में कथित फर्जीवाड़े का आरोप

वॉशिंगटन/जकार्ता। भारतीय मूल के कारोबारी गौरव श्रीवास्तव एक बार फिर सुर्खियों में हैं। ऑर्गनाइज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट (OCCRP) की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि उन्होंने खुद को अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA का अधिकारी बताकर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और कई वरिष्ठ अधिकारियों का विश्वास जीता। आरोप है कि इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर उन्होंने अरबों डॉलर की रक्षा परियोजनाओं से जुड़े शुरुआती समझौते हासिल किए।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित रक्षा सौदों में 36 F-15 लड़ाकू विमान, UH-60 ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर, C-130 ट्रांसपोर्ट विमान और सैन्य कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम जैसी परियोजनाएं शामिल थीं।

जांच में दावा किया गया है कि इन सौदों से जुड़ी कंपनियां शेल कंपनियां थीं और उन्हें रक्षा क्षेत्र का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। साथ ही, इन कंपनियों के जरिए करोड़ों रुपये का कर्ज हासिल करने के भी आरोप लगाए गए हैं।

यह मामला गौरव श्रीवास्तव के पूर्व कारोबारी साझेदार द्वारा अमेरिका की अदालतों में दायर दीवानी मुकदमों और OCCRP की जांच रिपोर्ट के बाद सामने आया है।

गौरव श्रीवास्तव पर अमेरिका में धोखाधड़ी से जुड़े मामलों की सुनवाई जारी है। फिलहाल इन आरोपों पर उनकी ओर से सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और मामले की जांच जारी है।