जालंधर: सरकारी डॉक्टर डॉ. मीनाक्षी की संदिग्ध मौत के मामले में फरार चल रहे आई सर्जन डॉ. पीयूष सूद को बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत (Anticipatory Bail) याचिका खारिज कर दी है। डॉ. पीयूष सूद पिछले 22 दिनों से फरार बताए जा रहे हैं।

बचाव पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि डॉ. मीनाक्षी की मौत प्राकृतिक थी और वह लंबे समय से अपने पति से अलग रह रही थीं। साथ ही कहा गया कि घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ और शरीर पर मिले निशान कीड़ों के काटने जैसे थे।
वहीं पुलिस ने कोर्ट में जमानत का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि मामला बेहद गंभीर है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। जांच कई पहलुओं पर जारी है।
पुलिस का तर्क था कि यदि आरोपी को राहत मिली तो वह अहम सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है, इसलिए सच्चाई सामने लाने के लिए उसकी कस्टोडियल पूछताछ जरूरी है।
गौरतलब है कि 10 जून को मॉडल टाउन से सटे केवल विहार स्थित घर में डॉ. मीनाक्षी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। नौकरानी द्वारा सूचना देने पर पुलिस ने खिड़की का शीशा तोड़कर घर में प्रवेश किया था।
बाद में मृतका के पिता की शिकायत पर पुलिस ने डॉ. पीयूष सूद के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया था। अब अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद पुलिस की कार्रवाई और तेज होने की संभावना है।














