सीने से बाहर था नवजात बच्ची का दिल, वापिस शरीर के अंदर डालने के बाद 1 साल चला इलाज, अब खतरे से बाहर

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नई दिल्ली. इंग्लैंड में एक चौंका देने वाला मामला सामने आया था। दरअसल, यहां एक गर्भवती महिला रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल पहुंची थी लेकिन जब डॉक्टरों ने महिला का चैकअप और पेट का स्कैन किया तो डॉक्टरों के होश उड़ गए। ऐसा इसलिए कि नाओमी फिंडले नामक महिला ने गर्भ में जो बच्ची थी उसका दिल सीने से बाहर धड़क रहा था। 

फिंडले ने साल 2017 में इस बच्ची को जन्म दिया। 50 डॉक्टरों की एक टीम की देखरेख में महिला की डिलीवरी कराई गई और बच्ची को मौत के मुंह से बचा लिया गया। जानकारी के लिए बता दें ब्रिटेन में इस गंभीर समस्या के साथ पैदा होने के बाद जिंदा बच जाने वाली ये पहली बच्ची है। बच्ची के जन्म के बाद अब डॉक्टरों के सामने सबसे बड़ी समस्या थी बच्ची के दिल को उसके शरीर के अंदर डालना। डॉक्टरों में इस काम में भी सफलता हासिल की। उन्होंने  ने बच्ची के सीने में जगह बनाकर उसका दिल अंदर डाल दिया। 

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बच्ची का दिल उसके शरीर के अंदर डालने के बाद एक साल से ऊपर उसका इलाज चला। अब वो खतरे से बाहर है और उसका वजन भी 1.5 किलो से 8 किलोग्राम हो गया है। डॉक्टरों ने बच्ची को उसके घर भेज दिया है, लेकिन अभी भी उसे जीने के लिए ऑक्सीजन और ढेर सारी दवाईयों की जरूरत पड़ती है। बच्ची के मां-बाप ने उसका नाम वेनेलोप रखा है। अब वो करीब 14 महीने की हो चुकी है। वेनेलोप के सही-सलामत होने पर अब उसके मां-बाप की बहुत खुश है।