जालंधर, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा): शिवसेना उत्तर भारत (विनय जालंधरी ग्रुप) के आई.टी. सेल के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय बब्बर ने आज एक विस्तृत प्रेस वक्तव्य जारी करते हुए पंजाब की बिगड़ती कानून-व्यवस्था, हिंदू नेताओं की सुरक्षा में प्रशासनिक लापरवाही तथा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कंबोज जालंधरी को लगातार मिल रही जान से मारने की धमकियों पर गहरी चिंता व्यक्त की है।

अजय बब्बर ने कहा कि पंजाब में जिस प्रकार से लगातार धमाके, आपराधिक घटनाएं, गैंगस्टर गतिविधियां और राष्ट्रविरोधी तत्व सक्रिय हो रहे हैं, उसने आम जनता के साथ-साथ हिंदू संगठनों और राष्ट्रवादी नेताओं की सुरक्षा पर भी गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और पंजाब पुलिस केवल दिखावटी बयानबाजी तक सीमित रह गई है, जबकि जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है।
उन्होंने कहा कि शिवसेना उत्तर भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक कंबोज जालंधरी को लंबे समय से अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय नंबरों से लगातार धमकियां मिल रही हैं।
बीती 5 मई 2026 की मध्यरात्रि को उन्हें स्पेन के अंतरराष्ट्रीय नंबर (+34 632840296) से एक कॉल प्राप्त हुई, जिसमें कॉल करने वाले व्यक्ति ने बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी।
इतना ही नहीं, कॉलर ने जालंधर के बी.एस.एफ. चौक के पास हुए धमाके का जिक्र करते हुए कहा कि “अब अगला नंबर तुम्हारा है।”
अजय बब्बर ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति को दी गई धमकी नहीं, बल्कि उन सभी हिंदू नेताओं और राष्ट्रवादी आवाजों को डराने की साजिश है जो पंजाब में राष्ट्रहित और समाजहित की बात करते हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसी धमकियों को हल्के में लेना पंजाब सरकार और पुलिस प्रशासन की बड़ी भूल साबित हो सकती है।
उन्होंने बताया कि इस गंभीर मामले की सूचना तुरंत सी.आई.डी. (इंटेलिजेंस), एस.एच.ओ. थाना डिवीजन नंबर 2, पुलिस कमिश्नर जालंधर तथा अन्य संबंधित सुरक्षा एजेंसियों को लिखित रूप में दी गई, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई देखने को नहीं मिली। न तो धमकी देने वाले व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक की गई और न ही सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया।
अजय बब्बर ने कहा कि दीपक कंबोज जालंधरी द्वारा पिछले कई वर्षों में पंजाब पुलिस, डीजीपी पंजाब तथा अन्य सुरक्षा एजेंसियों को 7000-8000 से अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं, जिनमें अपनी सुरक्षा, हिंदू नेताओं पर मंडरा रहे खतरे और पंजाब की बिगड़ती स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की गई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने हमेशा इन चेतावनियों को नजरअंदाज किया।
उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के आदेशों के बाद जो सुरक्षा गार्ड उपलब्ध करवाए गए हैं, उनमें भी पुलिस प्रशासन का रवैया सहयोगात्मक नहीं है। कई बार सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं को अनदेखा किया जाता है, जिससे दीपक कंबोज जालंधरी और उनके परिवार की सुरक्षा खतरे में पड़ जाती है।
अजय बब्बर ने पंजाब सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जिन नेताओं को वास्तविक खतरा नहीं है, उन्हें दर्जनों सुरक्षाकर्मी और वी.आई.पी. सुविधाएं दी जा रही हैं, जबकि जमीन पर लगातार धमकियों और खतरों का सामना कर रहे हिंदू नेताओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।
उन्होंने कहा कि यह दोहरी नीति पंजाब सरकार की मानसिकता को उजागर करती है।
उन्होंने यह भी कहा कि पिछले कुछ समय में पंजाब में हुई घटनाओं — रेलवे ट्रैक पर धमाके, पुलिस थानों को निशाना बनाना, बी.एस.एफ. चौक के पास विस्फोट और लगातार मिल रही धमकियां — यह साबित करती हैं कि राज्य में असामाजिक और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हौसले लगातार बढ़ रहे हैं। यदि समय रहते कठोर कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
अजय बब्बर ने कहा कि शिवसेना उत्तर भारत किसी भी प्रकार की धमकी से डरने वाली नहीं है और संगठन हमेशा हिंदू समाज, राष्ट्रहित और पंजाब की शांति के लिए अपनी आवाज उठाता रहेगा।
लेकिन यदि किसी भी नेता या उनके परिवार को नुकसान पहुंचता है, तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी पंजाब सरकार, डीजीपी पंजाब, जालंधर पुलिस प्रशासन और संबंधित सुरक्षा एजेंसियों की होगी।
उन्होंने माननीय राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री कार्यालय, केंद्रीय गृह मंत्रालय और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों से तत्काल हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा कि दीपक कंबोज जालंधरी को उच्च स्तरीय सुरक्षा प्रदान की जाए तथा धमकी देने वाले व्यक्तियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाए।
अंत में अजय बब्बर ने कहा कि पंजाब को दोबारा अशांत करने की कोशिश करने वाली ताकतों के खिलाफ केंद्र और राज्य सरकार को मिलकर निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि प्रदेश में शांति, कानून व्यवस्था और आम जनता का विश्वास कायम रह सके।














