हॉकी के रंग में रंगा पंजाब: पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी, CM भगवंत मान ने किया उद्घाटन; निंजा के गानों पर झूमे दर्शक 

जालंधर में भारत का विजयी आगाज, बांग्लादेश को 13-0 से हराया; मंदीप सिंह की हैट्रिक, हरमनप्रीत और दिलप्रीत ने दागे 2-2 गोल

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो। पंजाब ने पहली बार एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी की मेजबानी कर अपनी गौरवशाली खेल विरासत में नया अध्याय जोड़ दिया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को जालंधर स्थित ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही छह टीमों के कप्तानों को सम्मानित किया। टूर्नामेंट में भारत, बांग्लादेश, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और मलेशिया की टीमें भाग ले रही हैं।

भारत ने बांग्लादेश को 13-0 से रौंदा

टूर्नामेंट के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने घरेलू मैदान पर शानदार प्रदर्शन करते हुए बांग्लादेश को 13-0 से करारी शिकस्त दी। मंदीप सिंह ने हैट्रिक लगाई, जबकि कप्तान हरमनप्रीत सिंह और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए। जुगराज सिंह की ड्रैग फ्लिक और हार्दिक सिंह के गोल ने भी दर्शकों में रोमांच भर दिया। भारत ने एक मिनट के भीतर तीन गोल दागकर मुकाबले में अपना दबदबा दिखाया। इस जीत के साथ पंजाब में करीब 17 साल बाद अंतरराष्ट्रीय हॉकी की वापसी यादगार बन गई।

पंजाब की हॉकी विरासत पर गर्व: मुख्यमंत्री

उद्घाटन समारोह में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब और हॉकी का रिश्ता बेहद गहरा है। राज्य के खिलाड़ियों ने भारतीय हॉकी को विश्व स्तर पर पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि अपनी धरती पर खेलने का पंजाब के हॉकी खिलाड़ियों का वर्षों पुराना सपना अब साकार हो रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 1928 के एम्स्टर्डम ओलंपिक से लेकर 2024 के पेरिस ओलंपिक तक पंजाब ने देश को 77 हॉकी ओलंपियन दिए हैं, जिनमें से 48 खिलाड़ियों ने ओलंपिक पदक जीते। उन्होंने बलबीर सिंह सीनियर, ऊधम सिंह, पृथिपाल सिंह, अजीत पाल सिंह, सुरजीत सिंह और परगट सिंह जैसे महान खिलाड़ियों के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि जालंधर, संसारपुर, खुसरोपुर और मिट्ठापुर जैसे क्षेत्रों ने कई अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी तैयार किए हैं।

जालंधर में लीग मैच, मोहाली में होंगे सेमीफाइनल और फाइनल

मुख्यमंत्री ने बताया कि टूर्नामेंट के सभी लीग मुकाबले जालंधर के ओलंपियन सुरजीत सिंह हॉकी स्टेडियम में होंगे, जबकि सेमीफाइनल और फाइनल मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले जाएंगे। उन्होंने कहा कि पंजाब वर्ष 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी तैयारियां कर रहा है।

भगवंत सिंह मान ने बताया कि राज्य में छह नए एस्ट्रो-टर्फ हॉकी मैदान स्थापित किए गए हैं, जबकि दो अन्य मैदानों का निर्माण जारी है। इसके अलावा, 18 छह-ए-साइड एस्ट्रो-टर्फ हॉकी मैदान तैयार किए गए हैं। ‘खेडां वतन पंजाब दियां’ के चौथे सीजन के लिए छह लाख से अधिक खिलाड़ियों ने पंजीकरण करवाया है और ‘मुख्यमंत्री खेल मैदान’ योजना के तहत 3,000 से अधिक खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी से पंजाब में खेल पर्यटन, स्थानीय कारोबार और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों, आयोजकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और सुरक्षा कर्मियों के योगदान की सराहना करते हुए सभी टीमों को शुभकामनाएं दीं।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत, विधायक बलकार सिंह और ईशान चब्बेवाल, खेल विभाग के प्रमुख सचिव वरुण रूजम, खेल निदेशक अभिजीत कपलिश, जालंधर के मेयर विनीत धीर, हॉकी पंजाब के अध्यक्ष नितिन कोहली, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ और पर्यटन सलाहकार दीपक बाली सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।