एक्साइज विभाग की जालंधर में बड़ी कार्रवाई: जेपी हॉस्पिटैलिटी से अमान्य होलोग्राम वाली बीयर और बाहरी राज्यों की बोतलें बरामद, तीन ठिकानों पर छापेमारी

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो: जालंधर में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए एक्साइज विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में वेस्ट की असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर डॉ. हरसिमरत कौर ग्रेवाल की अगुवाई में टीम ने शहर के तीन अलग-अलग ठिकानों पर अचानक दबिश दी। इस जांच अभियान के दौरान एक प्रमुख हॉस्पिटैलिटी प्रतिष्ठान में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं, जहां अमान्य होलोग्राम वाली बीयर और अन्य राज्यों की पुरानी बोतलें बरामद की गईं। विभाग ने मौके पर बयान दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि अन्य दो स्थानों पर भी स्टॉक और दस्तावेजों की सघन जांच की गई।

शहर में अवैध शराब की बिक्री और नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए एक्साइज विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। वेस्ट ज़ोन की असिस्टेंट एक्साइज कमिश्नर डॉ. हरसिमरत कौर ग्रेवाल के दिशानिर्देशों पर एक्साइज इंस्पेक्टर मंजीत सिंह, सुमंत माही, इंद्रबीर सिंह और एक्साइज पुलिस स्टाफ की एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से शहर के तीन संदिग्ध और प्रमुख व्यावसायिक परिसरों में छापेमारी कर पूरी गहनता से जांच-पड़ताल की।

टीम की सबसे पहली और बड़ी कार्रवाई J.P. Hospitality में हुई। जब एक्साइज अधिकारियों ने परिसर में प्रवेश कर स्टॉक रजिस्टर की जांच की, तो वह अधूरा पाया गया। इसके बाद जब पूरे परिसर की तलाशी ली गई, तो अधिकारियों के भी होश उड़ गए। वहां अमान्य होलोग्राम वाली बीयर की बोतलें रखी हुई थीं। इतना ही नहीं, परिसर से पंजाब के बाहर के राज्यों की इस्तेमाल की हुई शराब की खाली और पुरानी बोतलें भी बरामद हुईं। टीम ने तुरंत संबंधित जिम्मेदार व्यक्ति के बयान दर्ज किए और आबकारी नियमों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।

इसके बाद एक्साइज टीम ने Blessed and Dressed नामक प्रतिष्ठान पर निरीक्षण के लिए दबिश दी। यहां टीम ने भौतिक स्टॉक (Physical Stock) का मिलान आधिकारिक स्टॉक रजिस्टर से किया। जांच में पाया गया कि रजिस्टर में दर्ज आंकड़े और मौके पर मौजूद शराब का स्टॉक पूरी तरह से मेल खा रहा था। इसके अलावा परिसर में पंजाब के बाहर किसी अन्य राज्य की शराब की कोई मौजूदगी नहीं पाई गई। यहां का स्टॉक रजिस्टर और अन्य दस्तावेज पूरी तरह से दुरुस्त पाए गए।

अभियान के अंत में टीम जांच के लिए Para Foods पहुंची। निरीक्षण के दौरान जब अधिकारियों ने मैनेजर से ड्राफ्ट बीयर से संबंधित रजिस्टर दिखाने को कहा, तो मैनेजर सत्यापन (Verification) के लिए ड्राफ्ट बीयर रजिस्टर पेश नहीं कर सका। हालांकि, जब टीम ने उपलब्ध स्टॉक रजिस्टर के माध्यम से इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के स्टॉक की जांच की, तो वह भौतिक रूप से बिल्कुल सही और नियमों के अनुकूल पाया गया। एक्साइज विभाग का कहना है कि शहर में अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी इसी तरह पूरी सख्ती के साथ जारी रहेगा।