टिकट मिला तो बदल सकते हैं AAP के समीकरण; दूसरे दल में सक्रिय रहे तो भी पड़ सकता है असर
धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों और जनसंपर्क से पहचान बना रहे बंसल, साइलेंट उम्मीदवारी बिगाड़ देगा चुनावी पंडितों का गणित
हरीश शर्मा, जालंधर (रोजाना भास्कर ब्यूरो)। पंजाब में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां धीरे-धीरे तेज होने लगी हैं। जालंधर सेंट्रल विधानसभा हलके में भी संभावित उम्मीदवारों को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज नितिन कोहली के बीच रविंदर बंसल की राजनीतिक दावेदारी भी चर्चा का विषय बन रही है। हालांकि, टिकट को लेकर अभी कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।

टिकट मिला तो बदल सकते हैं समीकरण
रविंदर बंसल जालंधर सेंट्रल से टिकट के इच्छुक बताए जा रहे हैं। यदि आम आदमी पार्टी उन्हें उम्मीदवार बनाती है, तो पार्टी की स्थानीय रणनीति और नेतृत्व के समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, टिकट नहीं मिलने की स्थिति में भी उनकी राजनीतिक भूमिका और किसी अन्य दल के साथ उनकी सक्रियता चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकती है।
धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों से बना रहे पहचान
रविंदर बंसल का नाम सनातन सेवा समिति, धार्मिक आयोजनों और सामाजिक सेवा गतिविधियों के साथ भी जुड़ा बताया जा रहा है।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालुओं तक जानकारी पहुंचाने और यात्रा संबंधी व्यवस्थाओं में उनकी भूमिका भी चर्चा में है। इन गतिविधियों के जरिए वे लोगों के बीच अपनी पहचान मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
नितिन कोहली के सामने राजनीतिक चुनौती?
नितिन कोहली मई 2025 में आम आदमी पार्टी में शामिल हुए थे और उन्हें जालंधर सेंट्रल का हलका इंचार्ज बनाया गया था। ऐसे में 2027 के चुनाव में पार्टी की टिकट रणनीति के लिए संगठनात्मक पकड़, जनसंपर्क, स्थानीय नेताओं का समर्थन और मतदाताओं के बीच स्वीकार्यता अहम हो सकती है।
फिलहाल, रविंदर बंसल की दावेदारी और नितिन कोहली की राजनीतिक स्थिति को लेकर चर्चाएं जारी हैं। क्या बंसल आम आदमी पार्टी में टिकट की दौड़ को दिलचस्प बनाएंगे या किसी दूसरे राजनीतिक विकल्प के जरिए समीकरण प्रभावित करेंगे?
इसका जवाब आने वाले समय में पार्टी की रणनीति और उनके राजनीतिक फैसलों से ही स्पष्ट होगा। अभी तक टिकट को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।














