श्री मुक्तसर साहिब, रोजाना भास्कर ब्यूरो। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सुंदरबनी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पास भूस्खलन की घटना में शहीद हुए लांस नायक राइफलमैन सुखप्रीत सिंह का शुक्रवार को उनके पैतृक गांव बुट्टर बखुआ (गिद्दड़बाहा) में पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर जैसे ही गांव पहुंचा, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई और हर आंख नम हो गई।

अंतिम विदाई के दौरान सबसे भावुक पल तब आया जब कनाडा से लौटी छोटी बहन कमलप्रीत कौर ने अपने भाई के माथे पर सेहरा सजाया। नवंबर में सुखप्रीत की शादी होनी थी, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
जिस बहन ने भाई की शादी में सेहरा बांधने के सपने देखे थे, उसने रोते हुए उसी सेहरे से अपने भाई को अंतिम विदाई दी। यह दृश्य देखकर मंगेतर और परिवार के अन्य सदस्य भी अपने आंसू नहीं रोक सके।
सैन्य जवानों ने मातमी धुन के बीच हथियारों से सलामी दी। अंतिम संस्कार की रस्म शहीद के पिता करमजीत सिंह और चचेरे भाई मनदीप सिंह ने निभाई।
इस दौरान एसडीएम गिद्दड़बाहा, विधायक हरदीप सिंह डिंपी ढिल्लों, अमृता वड़िंग, पूर्व सैनिकों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरे गांव में “शहीद सुखप्रीत सिंह अमर रहें” के नारों के बीच वीर सपूत को अंतिम विदाई दी गई।














