श्रीमद् भागवत कथा मानवता, सदाचार और भक्ति की शिक्षा देती है : आचार्य गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो। साई दास स्कूल ग्राउंड, पटेल चौक में श्री बांके बिहारी भागवत प्रचार समिति (रजि.) के तत्वावधान में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उत्साह के साथ हुआ। कथा व्यास पीठ से प्रवचन करते हुए परम श्रद्धेय आचार्य श्री गौरव कृष्ण गोस्वामी जी महाराज ने कहा कि श्रीमद् भागवत महापुराण का प्रत्येक प्रसंग मानवता, सदाचार और भक्ति की सर्वोत्तम शिक्षा प्रदान करता है।

आचार्य श्री ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य को केवल मानवता का पाठ ही नहीं पढ़ाती, बल्कि उसे वैष्णवता, भगवत्ता और दिव्यता के मार्ग पर भी अग्रसर करती है। कथा मानव जीवन को सही दिशा प्रदान करते हुए उसके वास्तविक उद्देश्य और परम लक्ष्य का बोध कराती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने तथा प्रभु भक्ति और परोपकार के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

श्री शुकदेव जी महाराज के जीवन से मिलता है वैराग्य और भक्ति का संदेश

कथा के प्रारंभ में आचार्य श्री ने श्री शुकदेव जी महाराज के दिव्य जीवन का वर्णन करते हुए कहा कि वे जन्म लेते ही वन की ओर प्रस्थान कर गए और भगवान की आराधना एवं आध्यात्मिक साधना में लीन हो गए।

उनके जीवन से यह संदेश मिलता है कि परमात्मा की प्राप्ति के लिए वैराग्य, भक्ति और आत्मज्ञान का विशेष महत्व है। श्री शुकदेव जी महाराज ने श्रीमद् भागवत के माध्यम से संसार को भगवान की महिमा और भक्ति का अमूल्य संदेश प्रदान किया।

उन्होंने नैमिषारण्य के दिव्य प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि शौनकादि ऋषियों ने सूत जी महाराज से ऐसी कथा सुनाने की प्रार्थना की, जो मानव हृदय में व्याप्त अज्ञान और अंधकार को दूर कर सके। इस पर सूत जी महाराज ने श्रीमद् भागवत कथा का महात्म्य बताते हुए कहा कि यह कथा मनुष्य को सांसारिक आसक्ति से मुक्त कर परमात्मा की ओर प्रवृत्त करती है।

कथा के संदेशों को जीवन में उतारने का आह्वान

आचार्य श्री ने श्रद्धालुओं से कहा कि श्रीमद् भागवत कथा को केवल सुनने तक सीमित न रखें, बल्कि इसके संदेशों को अपने आचरण और व्यवहार में भी उतारें। प्रेम, करुणा, सेवा, सदाचार और प्रभु भक्ति को जीवन का अभिन्न अंग बनाकर ही मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है।

इस अवसर पर यशपाल चौधरी, अभिषेक चौधरी, सुनील नय्यर, उमेश औहरी, संदीप मलिक, चंदन वडेरा, ब्रिज मोहन चड्ढा, महेश मखीज, अंकुश जुनेजा, अश्वनी कुमार (आशू), संजय सहगल, हेमंत थापर, राजवंश मल्होत्रा, देवेंद्र अरोड़ा, हरीश कोहली, रिंकू मल्होत्रा, बलविंदर शर्मा, विजय शर्मा, सोनू चोपड़ा, सुमित गोयल, पंडित श्री कपिल देव शर्मा, संदीप कुमार, भूपेंद्र सिंह (बिल्ला), तरुण सरीन, जितेंद्र सोनू, राजेश बीगामल, तरसेम रिंकू, अरुण मल्होत्रा, राहुल शर्मा, राहुल बाहरी, देवेंद्र वर्मा, नरेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

सभी श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक कथा का श्रवण किया और भक्ति एवं आध्यात्मिक आनंद की अनुभूति की।