33 प्रतिशत आरक्षण के साथ सरकारी विभागों में महिलाओं की भागीदारी को दिया जा रहा है बढ़ावा : डा. बलजीत कौर

महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में ‘मेनस्ट्रीमिंग ऑफ वुमन इन पंजाब पुलिस’ विषय पर करवाया गया प्रशिक्षण प्रोग्राम

फिल्लौर (जालंधर), रोजाना भास्कर ब्यूरो: महाराजा रणजीत सिंह पंजाब पुलिस अकादमी फिल्लौर में ‘मेनस्ट्रीमिंग ऑफ वुमन इन पंजाब पुलिस’ विषय पर तीसरे दौर का लिंग संवेदनशीलता प्रशिक्षण प्रोग्राम करवाया गया। इस दौरान सामाजिक न्याय, अधिकारिता, अल्पसंख्यक, सामाजिक सुरक्षा, स्त्री एवं बाल विकास मंत्री डा. बलजीत कौर ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की।

समारोह में स्पैशल डी.जी.पी. कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) गुरप्रीत कौर देव, डायरेक्टर पंजाब पुलिस अकादमी धनप्रीत कौर विशेष तौर पर मौजूद थी।

इस अवसर पर संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा ‘मेनस्ट्रीमिंग ऑफ वुमन इन पंजाब पुलिस’ विषय पर करवाया जा रहा यह सेमिनार बहुत ही सराहनीय कदम है। पुराने समय में महिलाओं को उतने अधिकार प्राप्त नहीं थे, जितने मिलने चाहिए। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग में उच्च पदों पर महिलाओं की मौजूदगी यह दर्शाती है कि सिस्टम में महिलाओं का योगदान बढ़ाया जा रहा है और इससे लिंग के आधार पर पक्षपात संबंधी सोच बदलने में सहायता मिली है।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि महिलाएं सिर्फ घर के कामकाज के लिए ही नहीं बनी हैं, बल्कि उच्च पदों पर रहकर समाज और देश को बदलने तथा सुधार लाने की भी ताकत रखती हैं। अब समाज को अपनी सोच बदलनी चाहिए और पुरुषों की तरह महिलाओं को समान अवसर उपलब्ध करवाने चाहिए।

उन्होंने महिलाओं को भी जागरूक करते हुए कहा कि स्वयं में आत्म-विश्वास पैदा करने की जरूरत है और दृढ़ इरादे के साथ आगे बढ़कर अपने अधिकार पहचानने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा पुलिस विभाग सहित अन्य सरकारी सेवाओं में भी महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू किया गया है ताकि हर विभाग में महिलाओं का योगदान सुनिश्चित किया जा सके।

स्पेशल डीजीपी कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सीएडी) गुरप्रीत कौर देव ने बताया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पंजाब पुलिस के कम्युनिटी अफेयर्स डिवीजन (सी.ए.डी.) द्वारा जे-पाल साउथ एशिया और हरटेक फाउंडेशन के सहयोग से चलाया जा रहा एक व्यापक इंपैक्ट असेसमेंट ट्रेनिंग प्रोग्राम है। दिसंबर 2025 से चलाई जा रही लिंग संवेदनशील प्रशिक्षण का यह तीसरा और आखिरी दौर है। इस दौर की प्रशिक्षण में विशेष समूहों के अधीन पुलिस कर्मियों को शामिल किया गया है।

उन्होंने कहा कि यह प्रोग्राम एक व्यापक ट्रेनिंग ऑफ ट्रेनर्स (टीओटी) मॉडल के अनुसार काम करता है, जिसके तहत विभिन्न जिलों के 60 पुलिस अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में तैयार किया गया है ताकि पुलिस स्टेशन स्तर पर कर्मचारियों को मानक मॉड्यूल सौंपकर प्रभावी और बेहतर तालमेल सुनिश्चित किया जा सके।

इस दौरान महाराष्ट्र कैडर के पूर्व डीजीपी मीरन चड्ढा बोरवांकर और पंजाब कैडर के पूर्व डीजीपी आर. सी. सिंह ने भी ट्रेनिंग प्रोग्राम के मुख्य पहलुओं से अवगत करवाया।

जी.जी.डी.एस.डी. कॉलेज, चंडीगढ़ के जनसंचार विभाग द्वारा घरेलू हिंसा पर आधारित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी दिखाई गई।

इस अवसर पर 384 पुलिस थानों के 2000 से अधिक पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण प्रोग्राम में भाग लिया।