जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो। पंजाब के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार आगामी गेहूं खरीद सीजन में किसानों द्वारा मंडियों में लाए गए एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य में 8 लाख से अधिक किसानों की सुविधा के लिए व्यापक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए हैं।

दोआबा क्षेत्र के सात जिलों—जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, शहीद भगत सिंह नगर, रूपनगर और लुधियाना—के डीएफएससी, खरीद एजेंसियों, ट्रांसपोर्टरों और लेबर ठेकेदारों के साथ समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री ने बताया कि इस वर्ष 122 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है, जबकि 132 लाख मीट्रिक टन तक आवक संभालने की क्षमता सुनिश्चित की गई है।

सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू रखने के लिए 30,973 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट सुरक्षित कर ली है। पर्याप्त मात्रा में बारदाना (गन्नी बैग), भंडारण स्थान और क्रेट्स की व्यवस्था भी कर ली गई है। राज्यभर में 1,897 खरीद केंद्र (मंडियां) स्थापित किए गए हैं और बंपर फसल को देखते हुए अतिरिक्त अस्थायी केंद्र भी बनाए गए हैं।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसानों को खरीद के 24 घंटे के भीतर भुगतान कर दिया जाएगा। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,585 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही, 51 लाख मीट्रिक टन गेहूं के अस्थायी भंडारण के लिए खुले प्लिंथ तैयार किए गए हैं। गेहूं की ढुलाई के लिए अप्रैल में 409 और मई में 449 विशेष रेलगाड़ियों की मांग की गई है।
कटारूचक्क ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान भुगतान, लिफ्टिंग और बारदाना जैसी समस्याओं के कारण किसानों को कई दिनों तक मंडियों में रुकना पड़ता था, लेकिन मौजूदा सरकार ने पिछले चार वर्षों में इन समस्याओं का स्थायी समाधान किया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे पूरे खरीद सीजन के दौरान मंडियों में मौजूद रहकर सफाई, पीने के पानी, रोशनी और शेड जैसी सुविधाओं की निगरानी करें।
मंत्री ने कहा कि पंजाब देश का अन्न भंडार है और राज्य सरकार इतनी बड़ी खरीद प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।














