जालंधर , रोजाना भास्कर ब्यूरो: श्री बद्री केदार लंगर सेवा समिति रजि. जालन्धर की तरफ़ से 21 अप्रैल 2026 से 30 मई 2026 तक श्री बद्री नाथ धाम में लगायें जा रहें भण्डारे के लिए आज चैयरमैन जनेश अरोड़ा, उप चैयरमैन मनदीप बक्शी, अध्यक्ष सजीव शर्मा, उपाध्यक्ष डाक्टर पंकज गुप्ता, उपाध्यक्ष सुरिंदर गुप्ता, महासचिव जतिंदर अरोड़ा, संगठन सचिव शिव सूद, जोनी वढेरा सचिव, कपिल कोहली, राजेश शर्मा कैशियर की देख रेख में भण्डारे के सामान के ट्रक रवाना किये गए।

सबसे पहले समिति के सभी सदस्यों ने मिल कर सोढल मंदिर जालन्धर में हवन-यज्ञ पूजन करवाया।
विशेष से रूप से आये पूर्व मन्त्री श्री कृष्ण देव भंडारी, कौसलर अश्वनी अग्रवाल, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ कार्यकर्ता सुमेश लूथरा, भगवत प्रभाकर अविनाश अग्रवाल, प्रदूमन सिंह, टोनी प्रभाकर, तरसेम कुमार मिंटू, संदीप कुमार हांडा, हिमांशु सबरवाल, मौनू एवं समिति के सभी सदस्यों ने मिल ट्रकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

श्री बद्री केदार लंगर सेवा समिति रजि जालन्धर के चैयरमैन जनेश अरोड़ा एवं अध्यक्ष सजीव शर्मा ने बताया कि श्री बद्रीनाथ धाम जाने के लिए तीन ओर से रास्ता है रानीखेत से, कोटद्वार होकर पौड़ी (गढ़वाल) से और हरिद्वार होकर देवप्रयाग से ये तीनों रास्ते कर्णप्रयाग में मिल जाते है।

राष्ट्रीय राजमार्ग श्री बद्रीनाथ धाम से होकर गुजरता है यह राजमार्ग पंजाब के फाजिल्का नगर से शुरू होकर भटिण्डा और पटियाला से होता हुआ हरियाणा के पंचकुला, हिमाचल प्रदेश के पाओंटा साहिब और उत्तराखण्ड के देहरादून, ऋषिकेश, देवप्रयाग, रुद्रप्रयाग, कर्णप्रयाग, चमोली तथा जोशीमठ इत्यादि नगरों से होते हुए श्री बद्रीनाथ धाम पहुँचता है, और यहां से आगे बढ़ते हुए भारत-चीन सीमा पर स्थित ग्राम माणा में पहुंचकर समाप्त हो जाता है
कभी हरिद्वार से श्री बद्रीनाथ धाम जी की यात्रा में महीनों लग जाते थे, परन्तु अब बेहतर सड़क मार्ग बन जाने के कारण तीन – चार दिन में ही यह यात्रा हो जाती है














