पासपोर्ट भी नहीं नागरिकता का अंतिम प्रमाण! फिर भारतीय होने का सबूत क्या है?

नई दिल्ली, रोजाना भास्कर ब्यूरो: विदेश मंत्रालय के एक स्पष्टीकरण के बाद देशभर में नागरिकता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा दस्तावेज है, नागरिकता का अंतिम और निर्णायक प्रमाण नहीं।

सरकार के अनुसार भारतीय नागरिकता का निर्धारण नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत होता है, जबकि पासपोर्ट पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के अंतर्गत जारी किया जाता है।

यही कारण है कि आधार, पैन, वोटर आईडी और पासपोर्ट जैसे दस्तावेज भी अकेले नागरिकता साबित करने के लिए पर्याप्त नहीं माने जाते।

विशेषज्ञों के अनुसार नागरिकता साबित करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, माता-पिता के दस्तावेज, पंजीकरण या प्राकृतिककरण प्रमाणपत्र तथा अन्य कानूनी रिकॉर्ड महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

सरकार का कहना है कि नागरिकता का फैसला किसी एक दस्तावेज से नहीं, बल्कि कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाता है।