अयोध्या, रोजाना भास्कर ब्यूरो। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की अहम बैठक में महासचिव चंपत राय के इस्तीफे पर लंबी चर्चा हुई। बैठक में मौजूद अधिकांश ट्रस्ट सदस्यों ने उनका इस्तीफा स्वीकार न करने की राय दी, लेकिन ट्रस्ट के संविधान के प्रावधानों के चलते इस्तीफा स्वतः प्रभावी माना गया। वरिष्ठ सदस्य के. परासरन ने ऑनलाइन जुड़कर संविधान का संबंधित प्रावधान पढ़ा और स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों में अलग से मंजूरी या अस्वीकृति का विकल्प नहीं है। इसके बाद ट्रस्ट ने औपचारिक रूप से इस्तीफा स्वीकार कर लिया।

बैठक से पहले भी माहौल गर्म रहा। ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरि ने आमंत्रित सदस्य गोपाल राव को बैठक स्थल से हटने के लिए कहा। वहीं अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास भी शुरुआती अनिच्छा के बाद बैठक में शामिल हुए। बैठक में ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा की भूमिका पर भी सवाल उठे और गणना कक्ष से जुड़े मामले में उनकी लापरवाही पर नाराजगी जताई गई।
ट्रस्ट ने गोपाल राव को भी सभी जिम्मेदारियों से हटाने का फैसला लिया। उन पर मंदिर की परंपराओं में बदलाव और अपने पद के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए। साथ ही, मंदिर की व्यवस्थाओं को आगे बेहतर ढंग से संचालित करने के लिए कृष्ण मोहन को नया महासचिव बनाने पर सहमति बनी।
भविष्य में एक CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया भी शुरू करने का निर्णय लिया गया। बैठक में मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने और दानदाताओं से जुड़े मामलों की जानकारी सार्वजनिक करने पर भी सहमति बनी।














