लाइफस्टाइल में बदलाव बना बीमारियों की वजह, शारीरिक सक्रियता घटने से कमजोर हो रही सेहत

जालंधर, रोज़ाना भास्कर (हरीश शर्मा)। बिगड़ती जीवनशैली और घटती शारीरिक सक्रियता आज हर आयु वर्ग के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। घर बैठे मोबाइल ऐप के माध्यम से सामान मंगाने की बढ़ती आदत ने लोगों को शारीरिक श्रम से दूर कर दिया है।

वहीं जंक फूड और वेस्टर्न लाइफस्टाइल का बढ़ता चलन भी स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। इसका असर अब बुजुर्गों के साथ-साथ स्कूल जाने वाले बच्चों और नियमित जिम जाने वाले युवाओं में भी शारीरिक कमजोरी, हड्डियों और जोड़ों से जुड़ी समस्याओं के रूप में देखने को मिल रहा है।

जानकारी देते हुए फोर्टिस अस्पताल जालंधर के ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ. नितिश कपिल ने बताया कि जिम जाने वाले युवाओं को वर्कआउट के दौरान अपनी शारीरिक क्षमता का विशेष ध्यान रखना चाहिए।

बिना सही मार्गदर्शन के क्षमता से अधिक वजन उठाने से मांसपेशियों, लिगामेंट्स और जोड़ों में चोट का खतरा बढ़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रोटीन या अन्य सप्लीमेंट्स का सेवन भी विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही करना चाहिए।

हड्डियों और जोड़ों की समस्या का समय पर इलाज जरूरी

डॉ. नितिश कपिल ने बताया कि हड्डियों और जोड़ों से संबंधित समस्या होने पर सबसे पहले मरीज की सही जांच और बीमारी के कारण की पहचान जरूरी होती है। समस्या के अनुसार दवाइयों, फिजियोथेरेपी, एक्सरसाइज, वजन नियंत्रण और जीवनशैली में बदलाव से उपचार किया जा सकता है। कुछ गंभीर मामलों में विशेषज्ञ द्वारा आवश्यकता के अनुसार इंजेक्शन या सर्जिकल उपचार की सलाह भी दी जा सकती है।

उन्होंने कहा कि घुटनों में लगातार दर्द, चलने में परेशानी, कंधे या कमर में लंबे समय से दर्द, बार-बार चोट लगना या जोड़ों में सूजन जैसी समस्या को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

समय पर ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ से जांच करवाने से बीमारी की सही स्थिति का पता लगाया जा सकता है और उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

बच्चों और बुजुर्गों पर भी विशेष ध्यान जरूरी

डॉ. कपिल के अनुसार, बच्चों में मजबूत हड्डियों के विकास के लिए खेलकूद, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त प्राकृतिक धूप महत्वपूर्ण हैं। बच्चों को लंबे समय तक मोबाइल और स्क्रीन पर व्यस्त रखने के बजाय आउटडोर गतिविधियों के लिए प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

वहीं बुजुर्गों के लिए नियमित हल्की वॉक, संतुलित आहार और अपनी क्षमता के अनुसार शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या का हिस्सा बनाना फायदेमंद है। हालांकि किसी भी नई एक्सरसाइज या व्यायाम की शुरुआत उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति के अनुसार करनी चाहिए।

फोर्टिस अस्पताल में विशेषज्ञ उपचार की सुविधा

फोर्टिस अस्पताल जालंधर में हड्डियों, जोड़ों और मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं के लिए विशेषज्ञ चिकित्सा परामर्श और आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाएं उपलब्ध होने से मरीजों को एक ही स्थान पर बेहतर चिकित्सा मार्गदर्शन मिल रहा है।

अस्पताल की विशेषज्ञ टीम मरीज की समस्या के अनुसार उपचार की दिशा तय करने और जरूरत पड़ने पर सर्जिकल एवं नॉन-सर्जिकल विकल्पों के बारे में उचित सलाह देने पर जोर देती है।

डॉ. नितिश कपिल ने कहा कि स्वस्थ रहने के लिए जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति घंटों जिम में समय बिताए। दैनिक जीवन में छोटे-छोटे शारीरिक कार्यों और नियमित गतिविधियों को शामिल करके भी स्वास्थ्य में बड़ा सुधार किया जा सकता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि आधुनिक सुविधाओं का उपयोग जरूर करें, लेकिन इसके साथ शारीरिक सक्रियता, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को नजरअंदाज न करें।

समय पर जांच और विशेषज्ञ की सलाह से हड्डियों व जोड़ों की कई समस्याओं को नियंत्रित करने और जीवन की गुणवत्ता बेहतर बनाने में मदद मिल सकती