नई दिल्ली रोज़ाना भास्कर (बयूरो)रेलवे के नियमों के मुताबिक 60 वर्ष के पुरुष और 58 साल की महिला वरिष्ठ नागरिक (Senior Citizens) की श्रेणी में आते हैं। इन्हें पहले ट्रेन की सभी श्रेणियों के किरायों में छूट दी जाती थी।

यह छूट मेल/एक्सप्रेस/राजधानी/शताब्दी/जन शताब्दी/दुरंतो, सभी ट्रेनों में मिलती थी। यह छूट पुरूष वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए 40% और महिला वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए 50% थी। इसे कोरोना काल में बंद कर दिया गया है। यह छूट फिर से कब शुरू होगी, इस बारे में भी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है।
भारतीय रेल के ट्रेन में दो तरह के डिब्बे हैं। एक तो रिजर्व और दूसरा अनरिजर्व। जब कोई सीनियर सिटीजन (Senior Citizens) रिजर्व टिकट खरीदता है तो रेलवे उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लोअर बर्थ अलॉट करता है।
इसी तरह 45 साल से अधिक उम्र वाली महिला को भी कंप्यूटर ऑटोमैटिक तरीके से लोअर बर्थ दे देता है। हालांकि यह प्राथमिकता उपलब्धता के आधार पर ही मिलती है।
रेलवे के जिन ट्रेनों में रिजर्व कोच की व्यवस्था है, उनमें कुछ बर्थ सीनियर सिटीजन्स (Senior Citizens) के लिए रिजर्व हैं। यदि हम स्लीपर कोच की बात करें तो इसके हर कोच में छह लोअर बर्थ सीनियर सिटीजन (Senior Citizens) के लिए रिजर्व होती हैं।












