जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो: पंजाब सरकार के क्लीन पंजाब अभियान की शुरुआत जालंधर के नकोदर चौक से हुई। यहां कैबिनेट मंत्री मोहिंद्र भगत सहित अन्य ने झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। डीसी वरजीत वालिया ने लोगों को अपने घरों के गीले-सूखे कचरे को अलग-अलग कर मुहिम का हिस्सा बनने के लिए कहा।

सफाई अभियाना में जालंधर के मेयर वीनित धीर और हल्का इंचार्ज नितिन कोहली सहित नगर निगम के कर्मचारियों ने सड़कों की सफाई की। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने झाड़ू लगाकर अपना योगदान दिया।
कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि वे क्लीन पंजाब मुहिम के तहत सड़कों पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि शहर की सड़कों या किसी भी इलाके में गंदगी नहीं रहने दी जाएगी। मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि यह अभियान 10 दिनों तक चलेगा और सभी मिलकर हर इलाके में इसे चलाएंगे, ताकि आने वाले समय में पूरा पंजाब स्वच्छ हो सके।
क्लीन पंजाब मिशन से बदलेगा शहर का स्वरूप: मेयर
मेयर वनीत धीर ने कहा कि भगवंत सिंह मान और लोकल बॉडी मंत्री के नेतृत्व में 10 दिन का ‘क्लीन पंजाब’ मिशन शुरू किया गया है। निगम की टीम, मेयर, डीसी साहब और सभी कर्मचारी मिलकर इसे कामयाब बनाएंगे। 10 दिनों के भीतर जालंधर का एक नया और साफ-सुथरा स्वरूप सामने आएगा।
बीमारियों से बचने के लिए अपने आसपास की सफाई बेहद जरूरी है। लोगों से अपील है कि वे चलते-फिरते सड़कों पर कचरा न फेंकें, क्योंकि शहर खूबसूरत तभी बनेगा जब नागरिक भी जिम्मेदार बनेंगे।
जनता के सहयोग बिना अभियान अधूरा
कैबिनेट मंत्री भगत, मेयर धीर और डीसी वालिया ने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए नगर निगम के प्रयास तभी रंग लाएंगे जब जनता का पूरा सहयोग मिलेगा। अक्सर देखा जाता है कि लोग चलते-फिरते या दुकानों के बाहर कचरे से भरे लिफाफे फेंक देते हैं।
पुलिस और प्रशासन मिलकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और कुछ जगहों पर डस्टबिन भी मुहैया कराए गए हैं। सफाई कर्मचारियों की मेहनत को सफल बनाने के लिए नागरिकों को अपनी जवाबदेही समझनी होगी और सड़कों पर कचरा फेंकने से परहेज करना होगा।
गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करना पहला कदम
स्वच्छता ही ईश्वर की भक्ति है। जिस तरह हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी तरह पूरे शहर को अपना घर मानकर साफ रखना चाहिए। नगर निगम ने रात के समय कचरा फेंकने वालों को रोकने के लिए स्पेशल मार्शल भी तैनात किए हैं।
नागरिकों से अपील है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों में गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करके ही निगम की टीमों को सौंपें। अगर सभी वर्ग मिलकर टीमवर्क की तरह काम करें, तो इन 10 दिनों में जालंधर को पूरे पंजाब के लिए एक मिसाल बनाया जा सकता है।














