पंजाब विधानसभा सत्र : ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित, सीएम मान ने लगाए गंभीर आरोप!

वित्त मंत्री चीमा ने कांग्रेस-अकाली दल को कहा चिट्टा पार्टी, इतिहास इन्हें हमेशा याद रहेगा!

SIR और वोट चोरी के मुद्दे पर विधानसभा में हुई बहस, मुख्यमंत्री भगवंत मान बोले—दिल्ली एयरपोर्ट पर मुझे प्रताड़ित करने के लिए दो घंटे बैठाकर रखा गया

चंडीगढ़, रोजाना भास्कर ब्यूरो। पंजाब विधानसभा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और वोट चोरी के आरोपों को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया गया। इस पर सदन में बहस हुई और बाद में प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रस्ताव की प्रति राष्ट्रपति को भेजी जाएगी। दावा किया गया कि पंजाब देश की पहली विधानसभा है, जहां इस तरह का प्रस्ताव पारित किया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सदन में आरोप लगाया कि उन्हें प्रताड़ित करने के लिए दिल्ली एयरपोर्ट पर दो घंटे तक बैठाकर रखा गया। उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट पर उनके सामान की जांच की गई, लेकिन कस्टम अधिकारियों को उसमें से कुछ भी नहीं मिला।

सीएम मान ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में कस्टम विभाग के प्रमुख मनीष, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के सगे भाई हैं और उन्हें मौका मिलने पर बदला लेने का अवसर मिला। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने दावा किया कि आज सबसे ज्यादा नशा गुजरात से आ रहा है।

नोट: मुख्यमंत्री द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और स्वतंत्र पुष्टि सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

पंजाब की आवाज उठाना गुनाह है तो हर दिन उठाऊंगा – खैहरा

पंजाब विधानसभा से पूरे सत्र के लिए निलंबित किए जाने पर विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि स्पीकर ने वित्त मंत्री हरपाल चीमा के निर्देश पर उन्हें निलंबित किया है। खैहरा ने कहा कि अगर पंजाब की आवाज उठाना, परमिंदर झोटा के लिए न्याय मांगना या गुलजार दिरबा की मौत के मामले में हरपाल चीमा को आरोपी बताना अपराध है, तो वे हर दिन और हर जगह ऐसा करते रहेंगे। उन्होंने इस कार्रवाई को आम आदमी पार्टी सरकार की बदले की कार्रवाई बताया। खैहरा ने कहा कि वे अपने उस बयान पर कायम हैं, जिसमें उन्होंने आप के मंत्रियों और विधायकों के लिए ‘बंधुआ मजदूर’ शब्द का इस्तेमाल किया था।

सुखपाल सिंह खैहरा के खिलाफ प्रस्ताव पास

पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने कहा कि विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने सदन की कार्यवाही को प्रभावित किया है। इसलिए उन्हें सदन की शेष अवधि के लिए निलंबित करने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया।

हरपाल चीमा ने सुखपाल खैहरा के खिलाफ प्रस्ताव रखा

वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने सदन में प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा ने वेल में आकर चेयर के प्रति आपत्तिजनक शब्द कहे। बंधुआ मजदूर बोलकर मजदूरों का अपमान किया। इसके लिए उन्हें सेशन के बाकी समय के लिए बर्खास्त किया जाए।

सुखपाल खैहरा नशे का व्यापारी, हिस्ट्री पंजाब जानता है – चीमा

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेसी विधायकों को कहा कि सिखों की कातिल जमात खड़ी है। पंजाब की जवानी को बर्बाद करके, पंजाब में चिट्टा लाकर, गुटका साहिब की सौगंध खाकर पंजाब को गुमराह कर अब लाशों की राजनीति कर रहे हैं।

यह परगट सिंह, जो कांग्रेस प्रधान बने हैं, भाजपा व अकाली दल का हिस्सा थे। जब पंजाब में चिट्टा पहली बार प्रवेश किया, लोगों ने पहली बार चिट्टे का नाम परगट सिंह की पूर्व पार्टी अकाली दल की सरकार के समय सुना।

पाकिस्तान से नशे की तस्करी हो रही थी। उस समय इनके चेयरमैन गुरदेव सिंह दैवी शामिल थे। वह कौन था? वह सुखपाल सिंह खैहरा का दोस्त था।

जब नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी हुई थी, उस समय सुखपाल खैहरा के पिता सरकार मंत्री थे। उस समय वहां उनके रिश्तेदार एसएचओ लगा थे। स्पीकर साहब, वह रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। इनके रिश्तेदार ने चार नौजवानों के मुंह में गोलियां मारकर कत्ल किया था।

चिट्टे का व्यापारी सुखपाल सिंह खैहरा, चिट्टे का व्यापारी परगट सिंह। इनके पूर्वजों ने चार मर्डर किए। तेरी बुआ का बेटा कातिल है। यह तो इनकी हिस्ट्री है। तेरी हिस्ट्री को पंजाब जानता है। नशे का व्यापारी तू है।