फर्ज़ी सनातनियों से बचे: जो ED और CBI का दुरुपयोग करके अपने विपक्षियों को जेल में भिजवाते हैं, ऐसे नकली सत्तानीयों से बचकर रहें:- मनीष सिसोदिया

पंजाब सरकार व सनातन सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा को दी बधाई:मनीष सिसोदिया

पंजाब/पठानकोट, रोज़ाना भास्कर (हरीश शर्मा): सनातन सेवा समिति पंजाब द्वारा हिंदू नव वर्ष संवत के उपलक्ष्य में राज्य स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन पंजाब सरकार द्वारा पठानकोट जिले के रामलीला मैदान में किया गया।

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सनातन सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा ने जय सिया राम,सनातन धर्म की जय हो,प्राणियों में संतभावना हो,विश्व का कल्याण हो,के जयकारो के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की। इस अवसर पर पंजाब आम आदमी पार्टी के प्रभारी मनीष सिसोदिया, कैबिनेट मंत्री अमन अरोरा और लाल चंद कटारुचक तथा पंजाब के पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए, पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने इस दिन को पंजाब के लिए ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी बताया और कहा कि आजादी के बाद के 75 वर्षों के इतिहास में, यह पहला मौका था जब किसी सरकार ने सनातन संस्कृति को समर्पित राज्य स्तरीय उत्सव आयोजित करने का संकल्प और दूरदर्शिता दिखाई।

मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की प्रशंसा करते हुए उन्होंने इस कार्यक्रम को समावेशी शासन और सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान का प्रतीक बताया। उन्होंने हिंदू समुदाय की सांस्कृतिक भावनाओं की उपेक्षा करने के लिए पिछली सरकारों की आलोचना करते हुए कहा कि मान सरकार ने अल्पकाल में ही एक नई मिसाल कायम की है।

उन्होंने आगे कहा कि यह पहल सभी धर्मों और परंपराओं के प्रति समान सम्मान पर आधारित शासन दर्शन का प्रतीक है। कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा जैसी पिछली राजनीतिक पार्टियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसी ने भी इतने बड़े पैमाने पर हिंदू नव वर्ष मनाने की कल्पना नहीं की थी, जबकि मान सरकार ने सच्ची धर्मनिरपेक्षता का उदाहरण पेश किया है।

दीपक बाली ने आभार व्यक्त करते हुए हिंदू समुदाय की भावनाओं को समझते हुए और सनातन परंपराओं को सांस्कृतिक मान्यता प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया और पूरी सरकार को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि सरकार कथनी से बढ़कर करनी में विश्वास रखती है।

श्रद्धालुओं की विशाल सभा को धन्यवाद देते हुए उन्होंने कहा कि यह आयोजन आने वाली पीढ़ियों के लिए एक समावेशी पंजाब के निर्माण में एक मील का पत्थर साबित होगा, जहां सभी संस्कृतियों और परंपराओं को सम्मान प्राप्त होगा। उन्होंने यह भी कहा कि जहां पूर्व की सरकारें वोट बैंक की राजनीति में उलझी रहीं, वहीं मान सरकार ने शासन के मानकों को फिर से परिभाषित किया है।

*मनीष सिसोदिया* ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नव वर्ष महज एक त्योहार नहीं बल्कि प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसे आधिकारिक रूप से मनाना सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज पठानकोट में पंजाब सरकार और ‘सनातन सेवा समिति’ द्वारा आयोजित नव वर्ष महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला।

जहाँ कुछ लोग सत्ता की हवस में खुद को सबसे बड़ा सनातनी साबित करने की होड़ में लगे हैं, तब ज़रूरी है कि हम सनातन का असली मतलब समझें… और सनातन के नाम पर सत्ता का खेल खेलने वालों को पहचानें। सनातन के नाम पर नफरत फैलाने वाले, संस्थाओं का दुरुपयोग करने वाले, ED-CBI के डर से राजनीति चलाने वाले सनातनी नहीं हो सकते।

क्या सत्ता की ताकत का दुरुपयोग करने वाला सनातनी हो सकता है? क्या चुनी हुई सरकारें गिराने वाला, MLA खरीदने वाला सनातनी हो सकता है? क्या लोगो के वोट कटवाकर चुनाव जीतने वाला सनातनी हो सकता है ?

सनातन सिखाता है- दिल में राम हों, तो अहंकार और नफरत नहीं हो सकती और जिसके दिल में नफरत है, सत्ता की हवस है – उसके दिल में राम नहीं हो सकते।

हमारे लिए सनातन का समान रूप से सम्मान करने का आग्रह किया, क्योंकि यही सच्ची मानवता की पहचान है।

*अपने संबोधन में मंत्रिमंडल मंत्री लाल चंद कटारुचक* ने कहा कि पंजाब हमेशा से सांप्रदायिक सद्भाव और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि विभाजनकारी सोच समाज को नुकसान पहुंचाती है और लोगों से एकता और प्रेम को बढ़ावा देने का आह्वान किया। मंत्रिमंडल मंत्री ने कहा कि धर्म का सच्चा सार मानवता की सेवा में निहित है और उन्होंने कल्याण और विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

मंत्रिमंडल मंत्री अमन अरोरा ने समाज को नैतिक और आध्यात्मिक मार्ग पर मार्गदर्शन करने में संतों और आध्यात्मिक नेताओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नव वर्ष आत्मनिरीक्षण और आत्म-सुधार का अवसर प्रदान करता है और नागरिकों से अपने जीवन में सत्य, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को अपनाने का आग्रह किया।

औपचारिक शुरुआत से पहले, पंजाबी गायक रोशन प्रिंस ने हिंदू संस्कृति और सनातन परंपराओं को समर्पित भक्ति गीत प्रस्तुत किए, जिससे कार्यक्रम के लिए एक आध्यात्मिक माहौल तैयार हुआ।

प्रारंभ में, मुख्य अतिथियों और गणमान्य व्यक्तियों ने सनातन धर्म के संत समाज को पारंपरिक शॉल भेंट करके सम्मानित किया। इस विशाल समारोह में धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने भाग लिया।

विशेष रूप से, यह पहली बार था जब पंजाब सरकार ने सनातन सेवा समिति पंजाब द्वारा राज्य स्तर पर आधिकारिक रूप से हिंदू नव वर्ष मनाया, जिससे इस अवसर का महत्व और भी बढ़ गया।

पंजाब के जिला जालंधर,लुधियाना,अमृतसर,होशियारपुर,मोगा,पटियाला व विभिन्न जिलों से सनातन सेवा समिति के धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ धार्मिक परंपराओं के अनुरूप हुआ और मंच पर उपस्थित पूजनीय संतों ने नव वर्ष का आशीर्वाद दिया। पूरे कार्यक्रम के दौरान वातावरण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रूप से जीवंत बना रहा।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन और सभी उपस्थित लोगों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ हुआ। समापन के समय भी वातावरण हर्षोल्लास और उत्साह से भरा रहा, क्योंकि लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं और मिलकर जश्न मनाया। पठानकोट के रामलीला मैदान में आयोजित यह कार्यक्रम सामाजिक एकता, सांस्कृतिक विरासत और सांप्रदायिक सद्भाव को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में याद किया जाएगा।

आज पठानकोट में पंजाब सरकार और ‘सनातन सेवा समिति’ द्वारा आयोजित नव वर्ष महोत्सव में शामिल होने का अवसर मिला।