शहर में चाइना डोर की बिक्री पर सरकार सख्त, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

जालंधर, रोज़ाना भास्कर (हरीश शर्मा) जालंधर के बीड़-बाड़ क्षेत्रों में हर वर्ष बड़े पैमाने पर प्रतिबंधित चाइना डोर की बिक्री होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। इस घातक डोर के कारण हर साल कई लोग हादसों का शिकार होते हैं, जबकि बड़ी संख्या में पशु-पक्षियों की भी जान जाती है। इसके बावजूद कई स्थानों पर प्रतिबंधित डोर का कारोबार जारी रहने के आरोप लगते रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कई इलाकों में चाइना डोर की बिक्री खुलेआम होती है। कुछ लोगों ने इस कारोबार में पुलिस की मिलीभगत के भी आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

इस बीच, पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 में चाइना डोर (सिंथेटिक/नायलॉन मांझा) की बिक्री, खरीद, भंडारण, उपयोग और परिवहन पर लागू प्रतिबंध को सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी निर्देशों के अनुसार, चाइना डोर बेचने या भंडारण करने वालों के खिलाफ डोर जब्त करने, एफआईआर दर्ज करने, गिरफ्तारी करने तथा ₹1 लाख से ₹15 लाख तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान है। वहीं, यदि चाइना डोर के कारण किसी व्यक्ति की गंभीर चोट या मृत्यु होती है तो संबंधित कानूनों के तहत और भी कड़ी आपराधिक कार्रवाई की जा सकती है।

सूत्रों के अनुसार, पुलिस और प्रशासन द्वारा जल्द ही जालंधर के संवेदनशील क्षेत्रों तथा बाजारों में विशेष अभियान चलाया जाएगा। प्रतिबंधित चाइना डोर की बिक्री या भंडारण पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि चाइना डोर से हर वर्ष सड़क हादसे, दोपहिया वाहन चालकों के घायल होने तथा पशु-पक्षियों की मौत के अनेक मामले सामने आते हैं। ऐसे में प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे प्रतिबंधित डोर की खरीद-बिक्री से दूर रहें तथा इसकी सूचना तत्काल संबंधित अधिकारियों को दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।