पंजाब: गमाडा पर ईडी की रेड के खिलाफ पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट में दी चुनौती, आधी रात के बाद वारंट ऑफिसर ने की जांच

चंडीगढ़, रोजाना भास्कर ब्यूरो: प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गमाडा परिसर में की गई रेड और कार्यालय को सील किए जाने की कार्रवाई के खिलाफ पंजाब सरकार ने हाईकोर्ट का रुख किया है। सरकार ने आरोप लगाया कि ED की कार्रवाई सरकारी कामकाज में हस्तक्षेप है और इसे रोका जाना चाहिए।

पंजाब सरकार का दावा है कि ED ने मंगलवार दोपहर से गमाडा परिसर में कार्रवाई शुरू की और ऑफिस का समय खत्म होने के बाद भी रेड जारी रखी। सरकार ने यह भी आरोप लगाया कि 8 अधिकारियों को कथित तौर पर परिसर में रोके रखा गया, जिनमें हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट के प्रधान सचिव विकास गर्ग, अतिरिक्त चीफ एडमिनिस्ट्रेटर अमरिंदर सिंह मल्ही और संदीप ऋषि, सहायक चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राकेश पोपली, एस्टेट ऑफिसर अमन गुप्ता, लैंड एक्विजिशन कलेक्टर रोहित जिंदल, चीफ इंजीनियर अजय गर्ग और चीफ अकाउंट्स ऑफिसर अजय मित्तल शामिल हैं।

सरकार ने हाईकोर्ट में यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई बिना ESIR दर्ज किए और कानून का पालन किए बिना की गई। साथ ही सील किए गए कार्यालय और जब्त किए गए रिकॉर्ड को रिलीज करने तथा अधिकारियों को तत्काल मुक्त कराने की मांग की गई।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने ED को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। कोर्ट ने रजिस्ट्रार एडमिनिस्ट्रेशन को वारंट ऑफिसर नियुक्त करते हुए गमाडा परिसर जाकर मौके की जांच करने के निर्देश दिए।

कोर्ट के आदेश के बाद वारंट ऑफिसर ने रात करीब ढाई बजे से सुबह पौने छह बजे तक गमाडा परिसर का दौरा कर स्थिति की जांच की। अब वारंट ऑफिसर आज दोपहर 2 बजे हाईकोर्ट के समक्ष अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे।

मामले में पंजाब सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों और ED की कार्रवाई पर अंतिम स्थिति हाईकोर्ट के समक्ष पेश होने वाली रिपोर्ट और संबंधित पक्षों के जवाब के बाद और स्पष्ट होगी।