शहर में चर्चा- विधायक अरोड़ा को वापस मिली सिक्योरिटी और पायलट गाड़ी, खबर सच्ची तो नितिन कोहली का क्या होगा?

सुबह माता चिंतपूर्णी के दरबार में माथा टेका तो देर रात बाला जी के दरबार में हुए नतमस्तक

हरीश शर्मा (रोजाना भास्कर), जालंधर :
जालंधर सेंट्रल हलके की सियासत में मंगलवार देर रात उस समय फिर हलचल तेज हो गई, जब शहर में यह चर्चा फैल गई कि विधायक रमन अरोड़ा को उनकी सिक्योरिटी और पायलट गाड़ी वापस मिल गई है। इसके साथ ही यह चर्चा भी चलती रही कि क्या पार्टी नेतृत्व ने एक बार फिर अरोड़ा पर भरोसा जताया है। सूत्रों के मुताबिक विधायक रमन अरोड़ा की सीएम भगवंत मान के साथ मंगलवार को चंडीगढ़ में मीटिंग भी हुई, जिसमें विधानसभा चुनाव को लेकर बातचीत भी हुई। इसके बाद वहां से वापस आते ही अरोड़ा ने रैनक बाजार स्थित बाला जी मंदिर में माथा टेका। हालांकि, रात 11:51 बजे खुद विधायक रमन अरोड़ा ने ऐसी किसी नई सूचना की पुष्टि नहीं की। उन्होंने इतना जरूर कहा कि उन्हें शहर से लगातार फोन आ रहे हैं।

रमन अरोड़ा का सियासी सफर और उतार-चढ़ाव

रमन अरोड़ा ने 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में जालंधर सेंट्रल सीट से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी। उपलब्ध चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन विधायक राजिंदर बेरी को 247 वोटों के अंतर से हराया था। राजनीति में आने से पहले अरोड़ा कारोबारी होने के साथ धार्मिक कार्यक्रमों में गायन और कोरोना काल के दौरान सामाजिक गतिविधियों के कारण शहर में पहचान बना चुके थे। मई 2025 में पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने उन्हें नगर निगम से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार किया। बाद में उनके खिलाफ जबरन वसूली से जुड़ा एक और मामला सामने आया। दोनों मामलों में उन्हें बाद में जमानत मिली। सितंबर 2025 में जेल से बाहर आने के बाद लंबे समय तक उनकी राजनीतिक सक्रियता सीमित रही।

इसी दौरान पार्टी ने जालंधर सेंट्रल की जिम्मेदारी नितिन कोहली को दे दी थी। हालांकि मई 2026 में अरोड़ा की सरकारी सुरक्षा बहाल कर दी गई और उन्हें चार पुलिसकर्मियों के साथ एस्कॉर्ट जिप्सी दी गई। फिर 14 मई को ही उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट की थी कि उन्हें सुरक्षा नहीं चाहिए।

अरोड़ा लौटे तो नितिन कोहली का क्या होगा?

रमन अरोड़ा की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने की चर्चा के साथ सबसे बड़ा सवाल अब नितिन कोहली को लेकर उठ रहा है। मई 2025 में अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद आम आदमी पार्टी ने उद्योगपति नितिन कोहली को जालंधर सेंट्रल का हलका इंचार्ज बनाया था। कोहली ने इसके बाद हलके में अपना कार्यालय खोला और लगातार गतिविधियां शुरू कीं।

कोहली उद्योग और खेल जगत से जुड़े रहे हैं। वे हॉकी पंजाब के अध्यक्ष और हॉकी इंडिया के उपाध्यक्ष के तौर पर भी जुड़े रहे हैं। सियासी हलकों में उन्हें जालंधर सेंट्रल से संभावित टिकट दावेदार के तौर पर भी चर्चा मिलती रही है, हालांकि टिकट को लेकर पार्टी की ओर से कोई अंतिम घोषणा सामने नहीं आई है।

अब अगर पार्टी अरोड़ा को ही 2027 में सेंट्रल से आगे बढ़ाती है तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठेगा कि हलका इंचार्ज के तौर पर पिछले करीब डेढ़ साल से सक्रिय कोहली की राजनीतिक भूमिका क्या होगी। फिलहाल इसका जवाब पार्टी नेतृत्व की ओर से सामने नहीं आया है।

रात 11:51 बजे रमन अरोड़ा ने क्या कहा?

“फिलहाल मुझे इस बारे में कोई सूचना नहीं मिली है, लेकिन शहर से उन्हें कॉल जरूर आ रही हैं।” जब उनसे पूछा गया कि यह भी पता चला है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान से उन्हें थापड़ा मिल गया है कि वे ही सेंट्रल हलके से चुनाव लड़ेंगे तो उन्होंने कहा कि “फिलहाल ऐसी कोई बात नहीं है।”