चंडीगढ़, रोजाना भास्कर ब्यूरो: पंजाब विधानसभा में शुक्रवार को जोरदार हंगामा देखने को मिला, जब भगवंत मान की मौजूदगी में सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायकों के बीच तीखी नारेबाजी हुई, जिसके चलते सदन को कुछ समय के लिए स्थगित करना पड़ा।

डोप टेस्ट की मांग खारिज, बढ़ा विवाद
स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने मुख्यमंत्री और सभी विधायकों के डोप टेस्ट की मांग को खारिज कर दिया। यह मांग नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा की ओर से उठाई गई थी। इस फैसले के बाद सदन में तनाव और बढ़ गया।
CM बनाम विपक्ष: बहस से वॉकआउट तक
सदन में सुखपाल सिंह खैहरा और मुख्यमंत्री के बीच तीखी बहस हुई। आरोप-प्रत्यारोप के बीच माहौल इतना गरमा गया कि कांग्रेस विधायकों ने विरोध स्वरूप वॉकआउट कर दिया।
फ्लोर टेस्ट की तैयारी, बहुमत दिखाने की कवायद
6 राज्यसभा सांसदों के पार्टी छोड़ने के बाद AAP सरकार अब विधानसभा में विश्वास मत (फ्लोर टेस्ट) लाने की तैयारी कर रही है। इसका मकसद 94 विधायकों की एकजुटता दिखाना और विपक्ष के आरोपों का जवाब देना है।
गरमाई सियासत, सबकी नजरें अगले कदम पर
विधानसभा में जारी इस सियासी टकराव ने पंजाब की राजनीति को और गर्मा दिया है। अब सभी की नजरें फ्लोर टेस्ट पर टिकी हैं, जहां सरकार अपनी ताकत साबित करने की कोशिश करेगी।














