जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो : बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ अब अपने अंतिम अध्याय की ओर बढ़ रही है। अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म में एक बार फिर विजय सालगांवकर की कहानी आगे बढ़ेगी, लेकिन इस बार उसके सामने चुनौती पहले से कहीं ज्यादा बड़ी होने वाली है।

फिल्म में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे, जबकि अभिनेता जयदीप अहलावत अपराध शाखा के अधिकारी राजवीर सिंह तोमर की भूमिका निभा रहे हैं। राजवीर का लक्ष्य विजय की बनाई हुई कहानी की सच्चाई तक पहुंचना है। ऐसे में दोनों किरदारों के बीच होने वाला टकराव फिल्म की कहानी का सबसे अहम हिस्सा बनने वाला है।
‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ जयदीप अहलावत के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि इस फिल्म में उन्हें अपने करियर के शुरुआती दौर के अभिनेता अजय देवगन के साथ दोबारा काम करने का मौका मिला है। जयदीप ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में अजय देवगन के साथ फिल्म ‘आक्रोश’ में काम किया था। अब कई वर्षों बाद दोनों कलाकार एक बार फिर एक ही फिल्म में नजर आने वाले हैं।
‘आक्रोश’ से ‘दृश्यम द कन्क्लूजन’ तक का सफर!
अजय देवगन के साथ दोबारा काम करने के अनुभव को लेकर जयदीप अहलावत ने इसे अपने लिए पूरे सफर के एक चक्र के पूरा होने जैसा पल बताया। हालांकि, उनके लिए यह सिर्फ इस बात से जुड़ा नहीं है कि ‘आक्रोश’ के बाद कितने साल बीत गए हैं। बल्कि वह इस मौके को एक कलाकार के तौर पर अपने बदलाव और अनुभव से जोड़कर देखते हैं।
*जयदीप ने कहा,* “यह निश्चित रूप से पूरे सफर के एक चक्र के पूरा होने जैसा महसूस होता है, लेकिन मैं इसे सिर्फ बीते वर्षों की संख्या के रूप में नहीं देखता। मैं उस व्यक्ति के बारे में सोचता हूं जो ‘आक्रोश’ के समय था और उस व्यक्ति के बारे में जो मैं आज हूं। असली दूरी वहीं है।”














