मुंबई से आकर कपिल शर्मा लगा गया चूना, कैप्टन के सारे नियमों को तहस नहस किया..

1570

जालंधर। मुंबई से आकर कपिल शर्मा कैप्टन अमरिंदर सिंह द्वारा इमिग्रेशन व विदेशी स्टडी इंडस्ट्री के सारे नियमों को अकेला ही तहस नहस कर गया है। सवाल खड़ा होने लगा है कि बिना लाइसेंस वाले तो ठगी की दुकान चलाए हीं, यहां पर लाइसेंस धारकर ही जालसाजी की दुकान खोलकर सरकार के नाके के नीचे से करोड़ों रूपये समेटकर निकल भागा।

स्टडी एक्सप्रेस जालंधर ठगी का नाम सरकार के चिंता विष्य बनना स्वभाविक है। इमीग्रेशन कम्पनी ‘स्टडी एक्सप्रैस’ के मालिक कपिल शर्मा और उसकी पत्नी अनिता लोगों के करोड़ों रुपए लेकर दफ्तर और अपने घर को ताला मारकर फरार हो गए हैं।  सुरजीत सिंह, वासी लांबड़ा ने बताया कि उसने कैनेडा जाने के लिए 13 लाख रुपए कपिल शर्मा को दिए थे। जब उसकी स्टूडैंट की वीजा फाइल रिजैक्ट हो गई तो अनिता शर्मा ने फीस रिफंड के एवज में चैक दे दिए। इसी तरह रमनप्रीत कौर ने भी कैनेडा जाने के लिए 10 लाख रुपए दिए थे और वीजा रिजैक्ट होने के बाद उसे भी अनिता शर्मा ने चैक दे दिए। जब उन्होंने चैक अपने खातों में लगाने चाहे तो बैंक ने चैंकों पर स्टॉप पेमेंट का हवाला देकर उन्हें चैक वापिस कर दिए।  आया था। शाहकोट में तैनात एएसआई सुखविंद्र कुमार ने 13 लाख 50 हजार 250 रुपए में उनके बेटे शुभम को कैनेडा में स्टडी बेस पर भेजने की डील कपिल की पत्नी अनिता से की थी जिसकी शिकायत भी पुलिस को दी गई और केस दर्ज हो गया।

 एसोसिएशन ऑफ ओवरसिज कंसलट्टेंट एजुकेशन की तरफ से सरकार को बार बार हमेशा दलील दी जाती रही है कि लाइसेंस प्रकिया को सरल किया जाए और उनकी तरफ से परनीत कौर से लेकर गृह सचिव नरिंदर कलसी तक के पास जाकर रोना रोया गया। बात प्रकिया को सरल करने की हो रही थी लेकिन कपिल शर्मा ने नया झटका दे दिया है। कपिल के पास लाइसेंस था, जो ठिन प्रकिया से मिला था। अब सवाल खड़ा होने लगा कि अगर कठिन प्रकिया वाला ठगी की दुकान चला सकता है तो सरल प्रकिया होने से क्या हाल होगा ?

यह भी किसी से छिपा नहीं है कि पूर्व कमिशनर पुलिस पीके सिन्हा व डीसी वरिंदर शर्मा ने पिछले साल कई एजेंटों पर छापेमारी की थी और तब विदेशी एजुकेशन इंडस्ट्री की चीखें निकल गयी थी। हाहाकार मचायी गयी कि हमारे पर पुलिस बदमाशों की तरह छापेमारी कर रही है ? हमारे कार्यालयों में पुलिस वाले धक्केशाही कर रहे हैं। तब सीएम की तरफ से आदेश दिये गए थे कि विदेशी इमिग्रेशन व स्टडी इंडस्ट्री के साथ तरीके व  अदब से सलूक किया जाए लेकिन मुंबई से जालंधर आकर ठगी की दुकान खोलने वाले कपिल शर्मा ने सारे सिस्टम को तहस नहस कर दिया है।