ऋणी किसानों को कुर्की के नोटिस भेज कर किसानों के पीठ में छुरा मार रहे हैं कैप्टन- हरपाल सिंह चीमा मानसा जिले के नन्दगढ़ गांव के 14 किसानों को भेजे कुर्की नोटिस- प्रिंसिपल बुद्ध राम उप-चुनाव में लोग कैप्टन और कांग्रेसियों से पूछें सवाल – कुलतार सिंह संधवां

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चंडीगढ़,रोजाना भास्कर(अमित पांडेय)आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने राज्य की सहकारी कृषि विकास बैंकों द्वारा ऋणी किसानों को कर्ज न वापिस किए जाने पर जमीन कुर्क करने सम्बन्धित नोटिस जारी किए जाने को गंभीरता के साथ लेते हुए मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह को घेरा है।  
    ‘आप’ हैडक्वाटर द्वारा जारी बयान में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, पार्टी की कोर समिति के चेयरमैन और विधायक प्रिंसिपल बुद्ध राम और किसान विंग के प्रधान और विधायक कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि ‘कर्जा कुर्की खत्म, फसल दी पूरी रकम’ जैसे झूठे और गुमराह करने वाले नारा लगा कर सत्ता हासिल करने वाले मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह अपने एक भी वायदे को पूरा नहीं कर पाए। आढतियों समेत सभी सरकारी, सहकारी और प्राईवेट बैंकों का सारा कर्ज माफ करने का दावा करने वाले कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने सभी कर्ज तो क्या माफ करने थे, उल्टा किसानों की जमीन कुर्क करने के लगातार नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिस की ताजा मिसाल सरदूलढ़, प्राइमरी को-आपरेटिव एग्रीकल्चर डिवैल्पमैंट बैंक लिमिटेड सरदूलढ़ की तरफ से नन्दढ़ गांव के 14 किसानों को पंजाब स्टेट एग्रीकल्चर डिवैल्पमैंट बैंक एक्ट 1957 की धारा 15-16 के अंतर्गत जमीन की कुर्की के नोटिस जारी किए जाना है।  
    हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह कोई पहला अवसर नहीं है, पिछले ढाई वर्षों से सैंकड़ो ऋणी किसानों की जमीन कुर्क किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर पहले ही भारी मानसिक तनाव से गुजर रहे किसानों और उनके परिवारों पर कर्ज वापिस करने का दबाव डाला जा रहा है, नतीजे के तौर पर किसान आत्महत्याओं का रुझान ओर तेज हुआ है। जिस के लिए सीधे तौर पर पंजाब की कांग्रेस सरकार खास कर मुख्य मंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह जिम्मेदार हैं, जिन्होंने किसानों और खेत-मजदूरों की पीठ में छुरा मारा और अपने चुनावी वायदे से पलट गए।  
    प्रिंसिपल बुद्ध राम ने नन्दगढ़ के किसानों द्वारा आम आदमी पार्टी (आप) के पास लगाई गुहार का हवाला देते बताया कि बैंक प्रबंधक नोटिस जारी करके सम्बन्धित किसानों को लगातार परेशान कर रहे हैं और सरकारे-दरबारे उनकी कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही। इन किसानों में सुखदेव सिंह, रणजीत सिंह, स्व. गुरबचन सिंह, स्व. रौशनी राम, महां सिंह, शेर सिंह, हरबंस सिंह, सुखदेव सिंह, नछत्तर सिंह, स्व. हरनेक सिंह, स्व. भजन सिंह, जग्गा सिंह, अमरनाथ सिंह और बंत सिंह के नाम शामिल हैं। प्रिंसिपल बुद्ध राम ने बताया कि सहकारी बैंक द्वारा जमीन कुर्की के लिए लगातार बनाऐ जा रहे दबाव के कारण यह किसान और इनके पारिवारिक मैंबर भारी सदमे में हैं।  
    कुलतार सिंह संधवा ने कहा कि कैप्टन अमरिन्दर सिंह और सभी कांग्रेसी मंत्रियों, विधायकों और नेताओं को पंजाब के लोग खास करके किसान और खेत मजदूर ऐसे कुर्की नोटिसों के बारे में एकजुट हो कर सवाल करें। उन्होंने कहा कि उप चुनाव में लोगों के पास सरकार को सवाल करने का सुनहरा अवसर है।  
    ‘आप’ नेताओं ने कहा कि यदि कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने राज्यों के बैंकों द्वारा जमीन कुर्की के नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया न रोकी और ऐसे सभी किसानों का पूर्ण तौर पर कर्ज माफ न किया तो ‘आप’ द्वारा आगामी विधान सभा सैशन में कैप्टन अमरिन्दर सिंह को घेरा जाएगा