सीएम भगवंत मान से चंडीगढ़ में मुलाकात के बाद जालंधर लौटे विधायक, सेंट्रल हलके की सियासत में फिर हलचल
जालंधर रोज़ाना भास्कर (हरीश शर्मा): जालंधर सेंट्रल विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक रमन अरोड़ा को लेकर सियासी और सुरक्षा से जुड़ा घटनाक्रम एक बार फिर चर्चा में है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पंजाब सरकार की ओर से विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव के बाद उन्हें पायलट जिप्सी के साथ चार सुरक्षा कर्मी उपलब्ध करवाए गए हैं। हालांकि, इस संबंध में सरकार या पुलिस विभाग की ओर से आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को विधायक रमन अरोड़ा की पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ चंडीगढ़ में करीब 4 से 5 घंटे तक बैठक हुई। बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। इसके बाद जालंधर पहुंचने पर रमन अरोड़ा ने रैनक बाजार स्थित कष्ट निवारण बाला जी मंदिर में माथा टेका। इसी दौरान उनकी सुरक्षा व्यवस्था में पुलिस कर्मियों की तैनाती देखे जाने की बात सामने आई है।
पहले भी सुरक्षा को लेकर रहा है घटनाक्रम
रमन अरोड़ा की सुरक्षा पिछले कुछ महीनों से जालंधर की राजनीति में चर्चा का विषय रही है। मई 2026 में उन्हें पंजाब पुलिस की ओर से चार गनमैन उपलब्ध करवाए जाने की रिपोर्ट सामने आई थी।

इससे पहले मई में ही कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह भी सामने आया था कि रमन अरोड़ा ने धार्मिक कार्यक्रम को लेकर पुलिस कार्रवाई से नाराज होकर अपनी सरकारी सुरक्षा वापस करने की बात कही थी।
नितिन कोहली की भूमिका पर भी नजर
रमन अरोड़ा की सुरक्षा व्यवस्था और उनके दोबारा सक्रिय होने के साथ जालंधर सेंट्रल हलके में आम आदमी पार्टी की अंदरूनी राजनीतिक व्यवस्था भी चर्चा में है। रमन अरोड़ा की गिरफ्तारी के बाद पार्टी ने नितिन कोहली को जालंधर सेंट्रल का हलका प्रभारी बनाया था।
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बाद में अरोड़ा की जमानत और राजनीतिक गतिविधियों में वापसी के बाद दोनों के समानांतर सक्रिय रहने को लेकर भी मीडिया में चर्चा हुई थी।मई 2026 में दोनों के बीच मौजूद राजनीतिक परिस्थितियों और सेंट्रल हलके में दो समानांतर राजनीतिक केंद्र बनने की चर्चा रिपोर्ट की थी।
नितिन कोहली अप्रैल 2026 में भी जालंधर सेंट्रल में पार्टी गतिविधियों और विकास कार्यों से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय दिखाई दिए थे।
टिकट को लेकर भी उठ रहे सवाल
अब रमन अरोड़ा की दोबारा सक्रियता के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आगामी विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी जालंधर सेंट्रल से किस चेहरे को आगे करती है। क्या मौजूदा विधायक रमन अरोड़ा को ही दोबारा मैदान में उतारा जाएगा या पार्टी हलका प्रभारी नितिन कोहली को कोई जिम्मेदारी देगी—इसका फैसला पार्टी नेतृत्व की ओर से होना बाकी है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में नितिन कोहली के भविष्य को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं जरूर चल रही हैं, लेकिन उनके किसी दूसरी पार्टी में जाने की कोई पुष्ट जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। इसलिए इस संबंध में अंतिम तस्वीर पार्टी नेतृत्व के अगले फैसलों के बाद ही स्पष्ट होगी।
रमन अरोड़ा से जुड़े मामलों की बात करें तो 2026 में प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें पूछताछ के लिए समन किया था। जानकारी के अनुसार यह जांच पंजाब विजिलेंस ब्यूरो और जालंधर पुलिस में दर्ज मामलों से जुड़ी थी। अरोड़ा ने इन मामलों में अपना पक्ष भी रखा है और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
फिलहाल रमन अरोड़ा की सुरक्षा व्यवस्था में हुए ताजा बदलाव और मुख्यमंत्री से उनकी लंबी बैठक ने जालंधर सेंट्रल की राजनीति में नई चर्चाओं को जरूर जन्म दे दिया है। आने वाले दिनों में पार्टी नेतृत्व की ओर से होने वाली गतिविधियों पर सभी की नजर रहेगी।












