जालंधर की महिला डॉक्टर की संदिग्ध मौत से सनसनी: परिवार ने लगाए गंभीर आरोप, 2.5 करोड़ के लोन और प्रताड़ना का मामला आया सामने

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो। शहर के नेशनल आई केयर अस्पताल से जुड़े चर्चित डॉक्टर परिवार में उस समय सनसनी फैल गई जब डॉक्टर मीनाक्षी सूद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर सामने आई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार मामला आत्महत्या का बताया जा रहा है, लेकिन मृतका के परिवार ने इसे लेकर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

मृतका के पिता प्रमोद और परिवार के अन्य सदस्यों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उनकी बेटी मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना कर रही थी।

परिवार का कहना है कि डॉक्टर मीनाक्षी की शादी वर्ष 2018 में हुई थी और इसके बाद उनके नाम पर कई वित्तीय दायित्व डाले गए। परिजनों के अनुसार, वाहन और अन्य खर्चों के लिए लिए गए लोन की किश्तें मीनाक्षी अपनी आय से चुकाती रही थीं।

परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि डॉक्टर मीनाक्षी के पति के किसी अन्य महिला के साथ संबंध थे, जिसके चलते दंपति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

परिजनों का दावा है कि इस संबंध में कुछ सबूत और फुटेज भी पुलिस को सौंपे गए हैं। मृतका के माता-पिता का कहना है कि उनकी बेटी कई बार घरेलू विवाद और कथित मारपीट की जानकारी उन्हें देती रही थी।

पिता के अनुसार, जुलाई 2025 से मीनाक्षी अपने पति से अलग रह रही थीं और कानूनी रूप से तलाक लेने पर विचार कर रही थीं।

इसी दौरान उन्हें कथित तौर पर अपने नाम पर चल रहे करोड़ों रुपये के लोन की जानकारी मिली, जिससे वह काफी परेशान हो गई थीं। परिवार का आरोप है कि कुछ ऋणों से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर भी नहीं थे।

मृतका की मां ने कहा कि उन्हें अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह आत्महत्या है या कोई अन्य मामला। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा। परिवार ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही मौत के कारणों और लगाए गए आरोपों की सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी।