महिलाओं की अगुवाई में एल्डेको में गूंजा स्वच्छता का संदेश, सेंट सोल्जर और लिटिल इंडिया स्कूल के बच्चों ने बांधा समां

संत सीचेवाल बोले—बच्चों में स्वच्छता के संस्कार डालना भविष्य के समाज को संवारने जैसा; गिद्धा, बैंड और शानदार कोरियोग्राफी ने अभियान को बनाया यादगार

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो। एल्डेको ग्रीन्स में आयोजित स्वच्छता अभियान में बच्चों, महिलाओं और सोसाइटी निवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

अभियान में राज्यसभा सदस्य एवं पर्यावरण प्रेमी संत बलबीर सिंह सीचेवाल मुख्य रूप से शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बच्चों को छोटी उम्र से ही सफाई और पर्यावरण संरक्षण के संस्कार देना भविष्य के समाज को संवारने जैसा है। जब बच्चे अपने घर, गली और आसपास की सफाई को जिम्मेदारी समझने लगते हैं तो स्वच्छ, स्वस्थ और हरित समाज की मजबूत नींव तैयार होती है।

कार्यक्रम की शुरुआत स्वच्छता रैली से हुई। इसमें सोसाइटी के सदस्यों, महिलाओं और बच्चों ने भाग लिया। रैली के बाद परिसर में सफाई अभियान चलाया गया और उपस्थित लोगों ने अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने तथा दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की शपथ ली।

संत सीचेवाल ने कहा कि स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या संस्था का काम नहीं, बल्कि पूरे समाज की साझा जिम्मेदारी है।

अभियान में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां विशेष आकर्षण रहीं। सेंट सोल्जर स्कूल की गिद्धा टीम ने पारंपरिक नृत्य के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया, जबकि स्कूल की बैंड टीम ने अपनी धुनों से माहौल में उत्साह भर दिया।

वहीं लिटिल इंडिया पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर आधारित शानदार कोरियोग्राफी प्रस्तुत की। बच्चों के शानदार तालमेल और प्रभावी प्रस्तुति को उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

संत सीचेवाल ने सभी टीमों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि कला और संस्कृति के माध्यम से सामाजिक संदेश अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचता है।

एल्डेको पुस्तकालय टीम की ओर से बच्चों के लिए नारा लेखन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें प्रतिभागियों ने स्वच्छता, हरियाली और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े रचनात्मक नारे लिखे।

विजेता बच्चों सहित बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पदक और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। पुरस्कार पाकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। संत सीचेवाल ने कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएं बच्चों में रचनात्मकता के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी अभियान की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रही। संत सीचेवाल ने कहा कि जब महिलाएं सामाजिक कार्यों की अगुवाई करती हैं तो सकारात्मक बदलाव तेजी से दिखाई देता है।

उन्होंने महक जिंदल, श्वेता गोपाल, सुनीता पॉल, रुचि पुरी, कंचन, शालिमा, इंदू बत्रा और सपना तुली सहित सभी महिला सदस्यों के योगदान की सराहना की। मंच संचालन श्वेता गोपाल ने किया।

बच्चों और कलाकारों का उत्साह बढ़ाने के लिए पुरस्कार भी वितरित किए गए। सुखविंदर सिंह ‘सुखी’ की ओर से गीता समूह को 10 हजार रुपये की राशि प्रदान की गई।

संजीव लखनपाल, वरिंदर कांसल सहित अन्य गणमान्य लोगों ने भी बच्चों और गिद्धा टीम को पुरस्कार एवं नकद राशि देकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में मुख्य प्रायोजक भगवान दास चौधरी, प्रोजेक्ट डायरेक्टर डॉ. सुगनी, गोपाल कृष्ण, नरेश सरना, मोहन लूथरा, संजय गुलाटी, हैप्पी मक्कड़, राकेश शर्मा, टी.एस. बग्गा, राजेश पुरी, सुमित ठुकराल, कवल नयन, नेक्टर चौहान, नरेश ढल्ल, राज कुमार, डॉ. नवदीप अनेजा, नवतेज सिंह, अनूप मिगलानी, एडवोकेट राजेश वर्मा, एस.एन. चोपड़ा और सौरव शर्मा सहित सोसाइटी निवासियों ने सहयोग दिया।