Meta ने PM मोदी का वीडियो फिर किया बहाल: ‘तकनीकी गड़बड़ी’ बताकर हटाने पर दी सफाई, पेपर लीक पर संदेश फिर हुआ लाइव

नई दिल्ली, रोजाना भास्कर ब्यूरो| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फेसबुक से हटाया गया वीडियो एक बार फिर प्लेटफॉर्म पर दिखाई देने लगा है। सोशल मीडिया कंपनी Meta ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि वीडियो किसी नीति उल्लंघन के कारण नहीं, बल्कि तकनीकी गड़बड़ी की वजह से गलती से हट गया था। कंपनी के इस स्पष्टीकरण के बाद वीडियो को दोबारा रीस्टोर कर दिया गया है। कुछ समय तक वीडियो के गायब रहने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं और सवाल उठे थे।

यह वीडियो प्रधानमंत्री मोदी ने 23 जुलाई को जारी किया था। अपने संदेश में उन्होंने देश के छात्रों, युवाओं और अभिभावकों को संबोधित करते हुए पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार की सख्त नीति का भरोसा दिलाया था। उन्होंने कहा था कि पेपर लीक केवल एक परीक्षा का मामला नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य, उनके परिवारों के विश्वास और देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा बेहद गंभीर विषय है।

अपने लगभग 2 मिनट 56 सेकंड के वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री ने बताया था कि पिछले ढाई महीनों के दौरान पेपर लीक से जुड़े मामलों में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता छात्रों का एक साल बर्बाद होने से बचाना थी, इसलिए कम समय में 22 लाख छात्रों की दोबारा परीक्षा आयोजित कराई गई और समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा था कि सरकार केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। उन्होंने पेपर लीक मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने के निर्देश देने की जानकारी दी और कहा कि दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए कानूनी प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जाएगा।

यह पूरा घटनाक्रम NEET-UG पेपर लीक विवाद के बाद सामने आया है, जिसने देशभर में छात्रों के बीच व्यापक चिंता पैदा की थी।

इधर, समाचार एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने इस मामले में Meta के ग्लोबल हेड और कंपनी के ग्लोबल पब्लिक पॉलिसी प्रमुख को भी तलब किया है। हालांकि, इस संबंध में अभी तक मंत्रालय की ओर से आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने भी बताया कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर छात्र आंदोलन और ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रधानमंत्री के खिलाफ कथित आपत्तिजनक और अभद्र पोस्ट एवं वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किए गए थे।

पुलिस के अनुसार, ऐसे कंटेंट को हटाने के लिए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को नोटिस जारी किए गए हैं और पूरे मामले की जांच जारी है।

Meta द्वारा वीडियो बहाल किए जाने के बाद यह मामला एक बार फिर चर्चा में है। तकनीकी गड़बड़ी के दावे और सरकारी स्तर पर चल रही कार्रवाई के बीच अब सभी की नजर इस बात पर है कि मामले में आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।