दलित विद्यार्थियों का भविष्य तबाह करने पर तुले कैप्टन और मोदी : चीमा

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पोस्ट मैट्रिक वजीफे न मिलने पर दाखिले से वंचित रहे लाखों दलित विद्यार्थी
कैप्टन और मोदी सरकार पर जमकर बरसे ‘आप’ विधायक

चंडीगढ़, रोजाना भास्कर (हरीश शर्मा). आम आदमी पार्टी पंजाब ने सरकारों की तरफ से समय पर पोस्ट मैट्रिक वजीफे न दिए जाने के कारण दाखिले से वंचित रहे लाखों दलित विद्यार्थियों का भविष्य तबाह करने के लिए पंजाब की कैप्टन अमरिन्दर सिंह और केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा समेत ‘आप’ के सभी दलित विधायकों ने पार्टी हैडक्वाटर द्वारा संयुक्त बयान जारी कर पंजाब और केंद्र सरकार को कोसा। विरोधी पक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, कोर समिति के चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्ध राम, उप नेता सरबजीत कौर माणूके, विधायक रुपिन्दर कौर रूबी, मनजीत सिंह बिलासपुर और कुलवंत सिंह पंडोरी ने आरोप लगाया कि दलित वर्ग का कल्याण और उत्थान करना न तो पंजाब की कैप्टन सरकार और न ही केंद्र की मोदी सरकार के एजंडे पर है। गरीब दलित वर्ग के लिए अंडर मैट्रिक और पोस्ट मैट्रिक वजीफा स्कीमों से जिस तरह का खिलवाड़ कैप्टन और मोदी सरकार की तरफ से किया जा रहा है, उससे स्पष्ट है कि कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारें सोची-समझी साजिश के अंतर्गत दलित वर्ग के भविष्य को तबाह कर रही हैं।
हरपाल सिंह चीमा ने ताजा रिपोर्टों के हवाला देते हुए कहा कि सिर्फ पोस्ट मैट्रिक स्कीम के अंतर्गत मिलने वाले वजीफे की 1000 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सरकारी भंवर में फंसी हुई है, जिसके नतीजे के तौर पर होनहार और लायक लाखों दलित विद्यार्थी चाहते हुए भी उच्च या पेशा प्रमुख पढ़ाई के लिए दाखिले से वंचित हैं। हर साल दाखिला लेने की दर गिरती जा रही है। साल 2017-18 के मुकाबले साल 2018-19 में यह गिरती दर 18 फीसदी थी। सरकारों की इस लापरवाही का लाखों दलित बच्चों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
कोर समिति के चेयरमैन प्रिंसिपल बुद्ध राम ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस अहम मुद्दे पर तुरंत ध्यान न दिया तो ‘आप’ द्वारा राज्य स्तरीय मुहिम शुरू कर कैप्टन और मोदी की दलित विरोधी नीतियों की घर-घर जा कर पोल खोली जाएगी।