फोर्टिस जालंधर ने एडवांस्ड एंडोस्कोपी सुइट और डेडिकेटेड लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक शुरू करके गैस्ट्रो और लिवर केयर को और बेहतर बनाया

जालंधर रीजन में एक और विश्वस्तरीय इलाज की उपलब्धता से मरीजों को मिलेगी राहत

जालंधर, रोजाना भास्कर ब्यूरो (हरीश शर्मा): एडवांस्ड डाइजेस्टिव और लिवर केयर सर्विसेज देने के अपने वादे को पूरा करते हुए, फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर ने एक अत्याधुनिक एंडोस्कोपी और गैस्ट्रो सुइट और एक डेडिकेटेड लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक शुरू किया है। इसमें गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल, पैंक्रियाटिक, बिलियरी और लिवर से जुड़ी बीमारियों की जांच और इलाज के लिए लेटेस्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है।

नया शुरू किया गया एंडोस्कोपी और गैस्ट्रो सुइट कई तरह की डायग्नोस्टिक और थेराप्यूटिक एंडोस्कोपिक प्रोसीजर्स की सुविधा देगा। इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल बीमारियों का जल्दी पता चल सकेगा और कम चीर-फाड़ वाले इलाज (मिनिमली इनवेसिव ट्रीटमेंट) से बेहतर सटीकता, मरीज़ की सुरक्षा और आराम सुनिश्चित होगा।

डेडिकेटेड लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक एडवांस्ड लिवर की बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों के लिए खास सलाह, जांच, ट्रांसप्लांट काउंसलिंग, ट्रांसप्लांट से पहले का असेसमेंट और ट्रांसप्लांट के बाद लंबे समय तक फॉलो-अप सर्विस देगा।

इस पहल के तहत, डॉ. आशीष जॉर्ज, प्रिंसिपल कंसल्टेंट और यूनिट हेड, लिवर ट्रांसप्लांट, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग, नई दिल्ली, हर महीने के तीसरे वीरवार को फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर में एक्सपर्ट ओपीडी कंसल्टेशन देंगे। इससे पंजाब, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और आस-पास के इलाकों के मरीज़ों को विश्वस्तरीय लिवर ट्रांसप्लांट की विशेषज्ञता आसानी से मिल सकेगी।

डॉ. साहिल नोहरिया, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर और डॉ. सौरभ मिश्रा, कंसल्टेंट, हेपेटोलॉजी, फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर ने कहा कि “एंडोस्कोपी और गैस्ट्रो सुइट और खास तौर पर लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक की शुरुआत इस इलाके में गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और लिवर हेल्थकेयर के क्षेत्र में एक बड़ी एडवांसमेंट है। एडवांस्ड एंडोस्कोपिक टेक्नोलॉजी और बेहतर प्रोसीजरल क्षमताओं से लैस होकर, हम डाइजेस्टिव सिस्टम से जुड़ी जटिल बीमारियों का ज़्यादा सटीकता, सुरक्षा और मरीज़ों के आराम के साथ पता लगा सकेंगे और उनका इलाज कर सकेंगे। एडवांस्ड एंडोस्कोपी के ज़रिए शुरुआती दौर में बीमारी का पता चलने से इलाज के नतीजों को बेहतर बनाने में अहम भूमिका मिलती है।”

मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच (कई तरह के विशेषज्ञों की मिली-जुली कार्यप्रणाली) पर ज़ोर देते हुए, डॉ. हरमीत पॉल सिंह, डायरेक्टर, मिनिमल एक्सेस, बैरिएट्रिक, जीआई और रोबोटिक सर्जरी, फोर्टिस हॉस्पिटल जालंधर और डॉ. आशीष शर्मा, कंसल्टेंट, जीआई, एचपीबी और रोबोटिक सर्जरी ने कहा कि “गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और हेपेटोबिलियरी से जुड़ी जटिल स्थितियों के लिए मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच और विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल की ज़रूरत होती है।

एडवांस्ड एंडोस्कोपी और गैस्ट्रो सुइट, जिसे हेपेटोबिलियरी, गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल और रोबोटिक सर्जरी के विशेषज्ञों का सहयोग मिलता है, हमारे लिए अपने ही शहर इंटीग्रेटेड, मिनिमली इनवेसिव और मरीज़-केंद्रित देखभाल देने की क्षमता को मज़बूत बनाता है। अब इस तरह के इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों तक जाने की जरूरत नहीं रहेगी।”

डॉ. आशीष जॉर्ज, प्रिंसिपल कंसल्टेंट और यूनिट हेड, लिवर ट्रांसप्लांट, फोर्टिस हॉस्पिटल, शालीमार बाग, नई दिल्ली ने कहा कि “लिवर की गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज़ों के लिए समय पर रेफरल और जांच बहुत ज़रूरी है।

इस खास लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक के ज़रिए, मरीज़ों को घर के पास ही विशेषज्ञों से जांच, ट्रांसप्लांट से जुड़ी सलाह और लगातार देखभाल की सुविधा मिलेगी। हमारा मकसद यह सुनिश्चित करना है कि मरीज़ों को सही समय पर सही इलाज मिले और साथ ही यात्रा का बोझ और इलाज में देरी कम हो।

यह क्लिनिक पूरे तालमेल और कोऑर्डिनेशन के साथ मल्टी-डिसिप्लिनरी अप्रोच के ज़रिए ट्रांसप्लांट से पहले और बाद की व्यापक देखभाल की सुविधा भी देगा।”

श्री आशीष भाटिया, एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और बिजनेस हेड, फोर्टिस हेल्थकेयर, पंजाब ने ज़ोर देते हुए कहा कि “डिपार्टमेंट ऑफ गैस्ट्रो और हेपेटोबिलियरी साइंसेज की शुरुआत उन कम्युनिटीज तक एडवांस्ड टर्शियरी और क्वाटरनरी हेल्थकेयर सर्विसेज पहुंचाने की हमारी प्रतिबद्धता में एक और अहम पड़ाव है जिनकी हम सेवा करते हैं। एडवांस्ड एंडोस्कोपी सेवाओं और लिवर ट्रांसप्लांट क्लिनिक के जुड़ने से मरीज़ों को खास सलाह और इलाज के लिए बड़े शहरों में जाने की ज़रूरत काफी कम हो जाएगी। हमारा मकसद उन समुदायों तक विश्व-स्तरीय देखभाल, एडवांस्ड टेक्नोलॉजी और मल्टी-डिसिप्लिनरी विशेषज्ञता पहुंचाना है जिनकी हम सेवा करते हैं।”